AI के चक्कर में माइक्रोसॉफ्ट ने पुराने साथी को कहा अलविदा, 15,000 लोगों की नौकरी जाने के बाद अब यह सर्विस भी बंद

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News India Live, Digital Desk: टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक कहावत है "जो वक्त के साथ नहीं बदलता, वह पीछे रह जाता है।" दुनिया की दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) आजकल इसी फार्मूले पर बहुत सख्ती से काम कर रही है। पिछले कुछ समय में कंपनी ने हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है और अब खबर आ रही है कि उसने अपनी एक बड़ी सर्विस को भी हमेशा के लिए बंद करने का फैसला कर लिया है।

"हमें अब मेटावर्स नहीं, AI चाहिए"

आपको याद होगा कुछ साल पहले हर तरफ 'वर्चुअल रियलिटी' (VR) और 'मिक्स्ड रियलिटी' का शोर था। कहा जा रहा था कि हम भविष्य में चश्मा लगाकर एक अलग ही दुनिया में जियेंगे। माइक्रोसॉफ्ट ने भी इसमें खूब पैसा लगाया था। लेकिन अब हवा बदल गई है।

माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी 'विंडोज मिक्स्ड रियलिटी' (Windows Mixed Reality) सर्विस को बंद करने का फैसला किया है। आसान भाषा में कहें तो, जो फीचर आपके विंडोज कंप्यूटर को VR हेडसेट से जोड़ता था, वह अब इतिहास बन जाएगा। कंपनी ने यह साफ कर दिया है कि पुराने विंडोज वजर्न से तो यह चलता रहेगा, लेकिन नए विंडोज अपडेट में यह फीचर हटा दिया जाएगा।

15,000 लोगों की छंटनी और नई रणनीति

यह फैसला अचानक नहीं लिया गया। पिछले कुछ वक्त में माइक्रोसॉफ्ट ने करीब 15,000 कर्मचारियों की छंटनी (Layoffs) की है। इसमें से बहुत से लोग वे थे जो 'मिक्स्ड रियलिटी' और 'हलोलेंस' जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे थे। जब काम करने वाले ही नहीं रहे, तो प्रोजेक्ट का बंद होना तय ही था।

वजह सिर्फ एक है: 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI)

अब आप सोच रहे होंगे कि माइक्रोसॉफ्ट ऐसा क्यों कर रहा है? जवाब है AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस)
ChatGPT और Copilot की सफलता के बाद सत्या नडेला (CEO) का पूरा फोकस सिर्फ AI पर है। कंपनी अब अपना सारा पैसा और संसाधन (Resources) वहां लगाना चाहती है, जहां भविष्य है। उन्हें लगता है कि मिक्स्ड रियलिटी में अब उतना दम नहीं बचा जितना AI में है।

आम यूजर पर क्या असर होगा?

अगर आप एक आम कंप्यूटर यूजर हैं और आपको VR गेम्स या हेडसेट से कोई खास मतलब नहीं है, तो आप पर इसका कोई असर नहीं होगा। लेकिन जो गेमर्स या प्रोफेशनल्स इसका इस्तेमाल करते थे, उनके लिए यह थोड़ी निराशाजनक खबर जरूर है।

कुल मिलाकर बात यह है कि टेक्नोलॉजी निर्मम होती है। आज जो ट्रेंड में है, कल वह रद्दी हो सकता है। माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी गाड़ी मोड़ ली है, अब देखना यह है कि यह नया रास्ता (AI) उन्हें कहां ले जाता है।