शेरों का असली साम्राज्य देखना है? तो राजस्थान के इन 5 जंगलों में आपका स्वागत है!
जब घनी झाड़ियों के पीछे से वो सुनहरी-काली धारियों वाला राजसी जानवर अचानक आपके सामने आता है, तो एक पल के लिए सांसें थम जाती हैं, दिल की धड़कनें बढ़ जाती हैं और शरीर में एक सिहरन सी दौड़ जाती है। जंगल के राजा, बाघ को उसकी अपनी सल्तनत में देखने का यह अनुभव किसी भी एडवेंचर से बढ़कर है। और जब इस अनुभव की बात आती है, तो राजस्थान का नाम सबसे पहले आता है।
यहाँ के जंगल सिर्फ जंगल नहीं, बल्कि बाघों के वो शाही गढ़ हैं, जहाँ आज भी उनका सिक्का चलता है। तो अगर आप भी इस रोंगटे खड़े कर देने वाले अनुभव को महसूस करना चाहते हैं, तो चलिए आपको ले चलते हैं राजस्थान के उन 5 सबसे बेहतरीन टाइगर रिजर्व्स की सैर पर।
1. रणथंभौर नेशनल पार्क (Ranthambore National Park)
यह सिर्फ एक जंगल नहीं, बल्कि बाघों का 'सुपरस्टारडम' है। रणथंभौर भारत का शायद सबसे प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व है, और इसकी वजह भी खास है। यहाँ बाघों की संख्या इतनी अच्छी है कि उन्हें देखने की संभावना (Sighting) देश में सबसे ज़्यादा रहती है। इस जंगल की एक और खास बात है इसके बीचों-बीच खड़ा हज़ारों साल पुराना रणथंभौर का किला। जब कोई बाघ इस किले के आस-पास घूमता हुआ नज़र आता है, तो वह नज़ारा किसी भी तस्वीर से कहीं ज़्यादा खूबसूरत होता है।
2. सरिस्का टाइगर रिजर्व (Sariska Tiger Reserve)
यह दिल्ली-एनसीआर में रहने वालों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है। दिल्ली से बस कुछ ही घंटों की दूरी पर मौजूद सरिस्का की कहानी बहुत प्रेरणा देने वाली है। एक समय था जब यहाँ से सारे बाघ खत्म हो गए थे, लेकिन फिर सफल रिलोकेशन प्रोग्राम के बाद आज यह जंगल एक बार फिर बाघों की दहाड़ से गूंज रहा है। अरावली की पहाड़ियों से घिरा यह शांत जंगल आपको एक अलग ही सुकून देता है।
3. मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व (Mukundra Hills Tiger Reserve)
अगर आपको रणथंभौर की भीड़-भाड़ से दूर, शांति से जंगल का अनुभव करना है, तो कोटा के पास मौजूद मुकुंदरा हिल्स आपके लिए एक छिपा हुआ खज़ाना है। यह राजस्थान का एक नया टाइगर रिजर्व है, जहाँ धीरे-धीरे बाघों का कुनबा बढ़ रहा है। यहाँ की घुमावदार घाटियाँ और घना जंगल वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन हैं।
4. रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व (Ramgarh Vishdhari Tiger Reserve)
यह भारत के सबसे नए टाइगर रिजर्व्स में से एक है। रामगढ़ विषधारी को रणथंभौर और मुकुंदरा हिल्स के बीच एक 'टाइगर कॉरिडोर' के रूप में विकसित किया गया है, ताकि बाघ आसानी से एक जंगल से दूसरे जंगल में आ-जा सकें। यह इस बात का सबूत है कि राजस्थान बाघों के भविष्य को लेकर कितना गंभीर है। यहाँ घूमना मतलब एक नए साम्राज्य को बनते हुए देखना है।
5. धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व (Dholpur-Karauli Tiger Reserve)
यह राजस्थान के बाघों के साम्राज्य का सबसे नया सदस्य है। चंबल के बीहड़ों से सटा यह इलाका हमेशा से बाघों का घर रहा है, और अब इसे आधिकारिक तौर पर टाइगर रिजर्व का दर्जा मिल गया है। यह अभी अपने शुरुआती चरण में है, लेकिन आने वाले सालों में यह भारत के प्रमुख टाइगर स्पॉट्स में से एक बनने की पूरी क्षमता रखता है।
तो अगली बार जब आपका मन किसी असली रोमांच और एडवेंचर का करे, तो बैग पैक कीजिए और निकल पड़िए राजस्थान के इन शाही जंगलों की ओर, जहाँ जंगल का असली राजा आपका इंतज़ार कर रहा है!