सैलरी बढ़वानी है तो वापस दफ्तर लौटिए TCS का नया फरमान WFH वालों को इस बार नहीं मिलेगा इंक्रीमेंट

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News India Live, Digital Desk : अगर आप आईटी सेक्टर (IT Sector) में हैं, तो आज की ये खबर आपके लिए काफी हलचल भरी हो सकती है। खासतौर पर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के कर्मचारियों के लिए दफ्तर से एक बहुत ही "कड़क" वाला अपडेट आया है। पिछले कुछ सालों में हम सब 'वर्क फ्रॉम होम' (Work From Home) के ऐसे आदी हो गए हैं कि ऑफिस जाने का नाम सुनते ही आलस आ जाता है। लेकिन देश की सबसे बड़ी आईटी दिग्गज टीसीएस ने साफ कर दिया है कि अब "घर वाला आराम" और ज्यादा दिन नहीं चलेगा।

टीसीएस की इस ताजा पॉलिसी अपडेट (TCS Policy Update 2026) के मुताबिक, अगर आप अभी भी दफ्तर आने में आनाकानी कर रहे हैं, तो कंपनी आपके बैंक बैलेंस पर "ब्रेक" लगाने की तैयारी कर चुकी है। सीधे और सादे शब्दों में कहें तो जो ऑफिस नहीं आएगा, उसकी सैलरी में इंक्रीमेंट (Salary Increment) नहीं होगा।

क्या है यह नया नियम?

टीसीएस पिछले काफी समय से अपने कर्मचारियों को ऑफिस वापस बुलाने की कोशिश कर रही है। पहले रिक्वेस्ट की गई, फिर रोस्टर बनाए गए, लेकिन अब कंपनी ने इसे "फाइनेंशियल इंसेंटिव" यानी पैसे से जोड़ दिया है। नए नियम के तहत, उन कर्मचारियों को इस साल के सैलरी रिव्यु या इंक्रीमेंट साइकिल से बाहर रखा जा सकता है, जो हफ्ते में पूरे 5 दिन ऑफिस नहीं आ रहे हैं।

सिर्फ़ इंक्रीमेंट ही नहीं, बोनस पर भी गिरेगी गाज!

बात सिर्फ सालाना सैलरी बढ़ने तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट की मानें तो टीसीएस अपनी परफॉरमेंस और अटेंडेंस पॉलिसी को लेकर इस बार बहुत गंभीर है। जो कर्मचारी घर बैठकर काम कर रहे हैं, उनके वेरिएबल पे (Variable Pay) और तिमाही बोनस पर भी इस फैसले का सीधा असर पड़ने वाला है। एक तरह से कंपनी ने साफ़ संदेश दे दिया है कि टीम वर्क और कोलाबोरेशन के लिए दफ्तर आना अब वैकल्पिक नहीं, बल्कि अनिवार्य है।

रिमोट वर्किंग का युग क्या सच में खत्म हो गया है?

यह खबर उन हजारों युवाओं और प्रोफेशनल्स के लिए बड़ा झटका है, जो अपने घर से काम करने की वजह से पर्सनल लाइफ और वर्क लाइफ को अच्छे से बैलेंस कर पा रहे थे। कई लोगों ने ऑफिस जाने से बचने के लिए बेंगलुरु, पुणे या नोएडा जैसे महंगे शहरों को छोड़कर अपने गृह नगरों में शिफ्ट कर लिया है। अब टीसीएस का यह रुख उन पर दबाव बनाएगा कि वे फिर से उन महानगरों की ओर रुख करें।

कंपनी का मानना है कि साथ बैठकर काम करने से प्रोडक्टिविटी बढ़ती है और सीखने का मौका ज्यादा मिलता है। वहीं कर्मचारियों के एक वर्ग का कहना है कि काम चाहे घर से हो या ऑफिस से, परफॉरमेंस को ही पैमाना माना जाना चाहिए।

अब कर्मचारियों के पास क्या विकल्प हैं?

अगर आप टीसीएस के कर्मचारी हैं, तो आपके पास अब सोचने का बहुत कम वक्त बचा है। अगर करियर ग्रोथ और बढ़ी हुई सैलरी आपकी प्राथमिकता है, तो आपको अपनी डेस्क पर वापस लौटना ही होगा। हालांकि, अभी यह देखना बाकी है कि दूसरी आईटी कंपनियाँ (जैसे इंफोसिस और विप्रो) इस पॉलिसी को अपनाती हैं या नहीं।

कुल मिलाकर, टीसीएस ने गेम की शर्तें बदल दी हैं। यह साल कॉर्पोरेट वर्क कल्चर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होने वाला है। आपका क्या सोचना है? क्या काम करने के स्थान को सैलरी इंक्रीमेंट से जोड़ना सही फैसला है?