शेयर मार्केट का छुपा रुस्तम ,कम कीमत वाले इस शेयर में निवेश करने से पहले यह ज़रूर जान लें

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News India Live, Digital Desk : जब भी हम शेयर बाजार की बात करते हैं, तो अक्सर हमारा मन उन शेयरों की तरफ भागता है जिनकी कीमत कम हो। हमें लगता है कि अगर ₹50 या उससे कम में कोई अच्छी कंपनी मिल जाए, तो कल को वह 'मल्टीबैगर' बन सकती है। लेकिन क्या हकीकत भी उतनी ही सुनहरी है जितनी हम कल्पना करते हैं?

अक्सर निवेशक ₹50 से कम कीमत वाले शेयरों (Stocks under 50 rupees) को 'पैनी स्टॉक्स' समझकर इग्नोर कर देते हैं या फिर बिना सोचे-समझे बड़ा पैसा लगा देते हैं। लेकिन आज के दौर में कुछ ऐसी कंपनियाँ भी हैं जिनके बिजनेस में दम है और उनकी शेयर की कीमत फिलहाल कम है। चलिए, आज इसे थोडा करीब से समझते हैं।

कम कीमत वाले शेयर ही क्यों पसंद आते हैं?

सीधी सी बात है—जब शेयर सस्ता होता है, तो हम उसकी ज़्यादा मात्रा (Quantity) खरीद सकते हैं। मान लीजिये आपके पास ₹10,000 हैं, तो आप ₹50 वाले शेयर की 200 यूनिट खरीद पाएंगे, जबकि महँगे शेयरों की शायद 1 या 2 ही आए। इंसान की फितरत है कि उसे संख्या ज़्यादा देखना पसंद है। पर ध्यान रहे, कमाई हमेशा 'परसेंटेज' (Percentage) में होती है, न कि शेयरों की संख्या पर।

निवेश करने से पहले ये 3 चीजें ज़रूर देखें (Tips for Investors)

अगर आप भी किसी ऐसे स्टॉक की तलाश में हैं जो ₹50 से कम का हो, तो आँख बंद करके पैसा न लगाएं।

  1. कर्ज का बोझ (Debt): क्या कंपनी पर बहुत ज़्यादा उधार है? कई बार कंपनियाँ अपनी उधारी की वजह से ही ग्रो नहीं कर पातीं।
  2. बिजनेस का भविष्य: क्या कंपनी जिस सेक्टर में है (जैसे- सोलर, इलेक्ट्रिक गाड़ियां, या डेटा सेंटर), उसका आने वाले 5-10 सालों में कोई बड़ा भविष्य है?
  3. मैनेजमेंट की नियत: शेयर का भाव गिरना अलग बात है, पर मैनेजमेंट अगर भरोसेमंद नहीं है, तो आपका पैसा डूब सकता है।

रिस्क को समझें

यह बात हम सबको पता है कि शेयर बाजार में जोखिम होता है, लेकिन छोटे शेयरों में यह जोखिम थोड़ा ज़्यादा होता है। इन शेयरों में उतार-चढ़ाव बहुत तेज़ होता है। अगर ₹50 का शेयर ₹5 ऊपर चढ़ा, तो सीधे 10% का मुनाफा होगा, लेकिन ₹5 नीचे गया तो उतना ही घाटा भी होगा। इसलिए, कभी भी अपनी पूरी 'पसीने की कमाई' एक ही सस्ते शेयर में न लगाएं।

मेरी राय क्या है? (Expert Outlook 2026)

साल 2026 में मार्केट के जो हालात हैं, उसे देखते हुए बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कुछ छोटी कंपनियाँ काफी अच्छा कर रही हैं। लेकिन आपको हमेशा वही शेयर चुनना चाहिए जिसके पास फंडामेंटल्स (Fundamentals) मज़बूत हों। सस्ते शेयर खरीदना बुरा नहीं है, बस आपको यह पता होना चाहिए कि आप क्यों खरीद रहे हैं।

याद रखिये, बाजार में सबर का फल मीठा होता है। निवेश उतना ही करें जितना खोने का गम न हो, और अपनी रिसर्च खुद ज़रूर करें। एक सही फैसला आपको लंबी दौड़ का खिलाड़ी बना सकता है।