आंतों में फंसा जहरीला मल नहीं निकलता? तो नियमित रूप से खाली पेट खाएं 'ये' फूड, कब्ज जड़ से होगा नष्ट
भागदौड़ भरी जीवनशैली, काम का बढ़ता तनाव, जंक फूड का अधिक सेवन, मसालेदार और तैलीय खाद्य पदार्थों का लगातार सेवन, पोषक तत्वों की कमी, पानी की कमी और पूरी नींद न लेना पूरे शरीर के पाचन तंत्र को पूरी तरह से बाधित कर देता है। पाचन तंत्र बाधित होने के बाद शरीर को काफी नुकसान पहुंचता है। पेट में बार-बार गैस बनना, एसिडिटी , जी मिचलाना, उल्टी, खट्टी डकारें आना जैसी कई समस्याएं पैदा होने लगती हैं। इसके अलावा पेट साफ न हो पाना, जोर-जोर से शौच जाना, पेट दर्द और दिनभर पेट में भारीपन महसूस होना जैसे गंभीर लक्षण ठंड के दिनों में दिखाई देने लगते हैं। क्योंकि ठंड के मौसम के कारण पानी का कम से कम सेवन करने से आंतों में जमी गंदगी बाहर निकलने की बजाय शरीर में ही रह जाती है, जिसका असर स्वास्थ्य पर पड़ता है।
कुछ लोगों को खाने के तुरंत बाद सो जाने की आदत होती है। लेकिन यह आदत शरीर के लिए बहुत हानिकारक है। तुरंत सोने से खाना पचने की बजाय शरीर में जमा हो जाता है। भोजन के कण जमा होने से पेट दर्द, अपच और खट्टी डकार आने की संभावना ज़्यादा होती है। इसलिए, आज हम आपको विस्तार से बताएंगे कि आंतों में जमा विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने के लिए किन खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। इन खाद्य पदार्थों में मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और मल त्याग को आसान बनाए रखता है। ठंड के दिनों में शरीर को स्वस्थ रखने में घरेलू उपाय कारगर होते हैं।
पाचन क्रिया को बेहतर बनाने के लिए अपने आहार में इन खाद्य पदार्थों को शामिल करें:
ठंड के दिनों में, सुबह उठने के बाद खाली पेट गर्म पानी पिएँ। गर्म पानी पीने से आंतों में जमा गंदगी बाहर निकल जाती है। गर्म पानी पीने से मल त्याग बढ़ता है और पेट खुलता है, जिससे शरीर से गंदगी बाहर निकल जाती है। ठंड के दिनों में, फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें। फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालते हैं। ओट्स, मूंग की खिचड़ी, गाजर, चुकंदर, सेब, पपीता, केला, हरी सब्जियाँ और सूप जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन आपके शरीर को स्वस्थ रखेगा। रात के खाने में मसालेदार, तैलीय और पचने में मुश्किल खाद्य पदार्थों से बचें।
आंतों में जमा विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए अदरक-जीरा-जैतून के तेल से बना काढ़ा पिएं। एक बर्तन में पानी गर्म करें। फिर पानी में जीरा, जैतून का तेल और कसा हुआ अदरक डालकर उबाल लें। काढ़े को धीमी आंच पर 15 मिनट तक पकाएँ और फिर आंच बंद कर दें। तैयार काढ़े को छानकर सेवन करें। खाली पेट काढ़ा पीने से आंतों की गंदगी बाहर निकल जाएगी। गर्म पानी के साथ जीरा और जैतून के तेल का सेवन करने से मल त्याग आसान हो जाएगा और शरीर डिटॉक्सीफाई होगा।
ठंड में शरीर का पाचन तंत्र धीमा पड़ जाता है। इसलिए, सुबह उठने के बाद नियमित रूप से 10-15 मिनट टहलना, हल्की स्ट्रेचिंग और पेट के आसपास मालिश करनी चाहिए। इससे शरीर की गंदगी बाहर निकलती है और बढ़ा हुआ वज़न कम होता है। कब्ज, पेट दर्द और शौच के लिए ज़ोर लगाने जैसी तमाम समस्याओं से राहत पाने के लिए घर पर बने खाद्य पदार्थों का सेवन करें। अगर पेट ठीक से साफ़ होगा, तो पूरा दिन खुशनुमा रहेगा।