IBPS Guide: कोचिंग की नहीं, स्मार्टनेस की ज़रूरत है ,बैंक एक्जाम पहली बार में क्रैक करने के धांसू टिप्स
News India Live, Digital Desk: भारत में जब सरकारी नौकरी (Sarkari Naukri) की बात होती है, तो आईएएस-आईपीएस के बाद युवाओं की सबसे पहली पसंद बैंकिंग सेक्टर (Banking Sector) ही होता है। और हो भी क्यों न? एसी वाला केबिन, फिक्स्ड टाइमिंग, ढेर सारी छुट्टियां और महीने की 1 तारीख को शानदार सैलरी। यह सब किसी सपने से कम थोड़ी है।
लेकिन अक्सर छात्र कंफ्यूज रहते हैं। उन्हें लगता है कि बैंक का एग्जाम बहुत कठिन होता है या इसमें सिर्फ़ गणित के जादूगर ही पास हो सकते हैं। आज हम इस डर को खत्म करते हैं और आसान भाषा में समझते हैं कि आप बैंक में पीओ (PO) या क्लर्क (Clerk) कैसे बन सकते हैं।
IBPS: बैंक में घुसने का मुख्य दरवाजा
सबसे पहले यह जान लें कि ज्यादातर सरकारी बैंकों (SBI को छोड़कर) में भर्ती एक संस्था कराती है, जिसका नाम है— IBPS (Institute of Banking Personnel Selection)। यह हर साल समय पर परीक्षाएं कराती है। मज़े की बात यह है कि इसका रिजल्ट बहुत जल्दी आता है। यानी अगर आप मेहनत करते हैं, तो 6 महीने के अंदर नौकरी आपके हाथ में हो सकती है।
किसकी तैयारी करें: पीओ या क्लर्क?
- PO (Probationary Officer): यह बैंक में मैनेजमेंट लेवल की पोस्ट है। इसमें सैलरी ज़्यादा होती है, रुतबा होता है, लेकिन जिम्मेदारी भी बड़ी होती है। यहाँ फैसले लेने पड़ते हैं।
- क्लर्क (Clerk): यह एंट्री लेवल जॉब है। काम मुख्य रूप से कैश और ग्राहकों को संभालने का होता है। इसमें दबाव पीओ के मुकाबले थोड़ा कम होता है।
तैयारी का 'गोल्डन रूल' (Preparation Strategy)
बैंक की परीक्षा UPSC से बिल्कुल अलग है। यहाँ ज्ञान से ज़्यादा 'रफ़्तार' (Speed) और 'सटीकता' (Accuracy) के नंबर मिलते हैं।
- मैथ्स से दोस्ती करें (Quant): आपको कोई बड़ा गणितज्ञ नहीं बनना है, बस जोड़-घटाना और पहाड़े (Tables) ऐसे याद होने चाहिए कि कैलकुलेटर भी शर्मा जाए।
- रीजनिंग (Reasoning): यह दिमागी पहेली जैसा है। पजल सुलझाना सीखें। बैंक एग्जाम में रीजनिंग सबसे ज्यादा नंबर दिलाती है।
- अंग्रेजी और जनरल अवेयरनेस: थोड़ा बेसिक ग्रामर और रोज की खबरें (खासकर आर्थिक जगत की) पढ़ना शुरू करें।
मॉक टेस्ट (Mock Test) है असली हथियार
टॉपर्स कहते हैं कि बैंकिंग की तैयारी का 50% हिस्सा पढ़ाई है और बाकी 50% हिस्सा 'प्रैक्टिस' है। रोज स्टॉपवॉच लगाकर मॉक टेस्ट दें। इससे आपको पता चलेगा कि एग्जाम के दबाव में आपका दिमाग कैसे काम करता है।
क्यों चुनें बैंकिंग करियर?
सिर्फ सैलरी ही नहीं, बैंक एम्प्लॉय बनने के और भी कई फायदे हैं। आपको सस्ते दर पर लोन मिलता है, मेडिकल सुविधाएं मिलती हैं और समाज में इज़्ज़त मिलती है। सबसे बड़ी बात, यह सेक्टर बहुत तेजी से बढ़ रहा है, यानी आपकी तरक्की (Promotion) की संभावनाएं हमेशा खुली हैं।
तो अगर आपकी उम्र 20 से 30 साल के बीच है और आप ग्रेजुएट हैं, तो देर मत कीजिये। किताबों की धूल झाड़िए और IBPS के अगले नोटिफिकेशन पर अपनी नज़र जमा लीजिए। सफलता आपका इंतज़ार कर रही है!