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April 18 2026 04:27 pm

BRABU में भारी गोलमाल 70 असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी पर तलवार, रसूखदारों के दागी रिश्तेदारों पर भी गिरेगी गाज

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News India Live, Digital Desk: बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) में सहायक प्राध्यापकों (Assistant Professors) की नियुक्ति को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। विश्वविद्यालय की जांच कमेटी ने अपनी पड़ताल में पाया है कि करीब 70 असिस्टेंट प्रोफेसरों के अनुभव प्रमाणपत्रों (Experience Certificates) में गंभीर गड़बड़ियां हैं। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अब इन शिक्षकों की बर्खास्तगी और कानूनी कार्रवाई की तैयारी तेज हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द ही इस पूरी जांच रिपोर्ट को बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग को भेजने जा रहा है।

14 तरह के 'फर्जी' अनुभव प्रमाणपत्र, ₹500 में पढ़ाने वाले भी बने प्रोफेसर

बीआरएबीयू के रजिस्ट्रार प्रो. समीर कुमार शर्मा के अनुसार, वर्ष 2020 से 2025 के बीच नियुक्त हुए शिक्षकों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। जांच के दौरान लगभग 14 अलग-अलग श्रेणियों के संदिग्ध अनुभव प्रमाणपत्र मिले हैं। इनमें कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:

रिसोर्स पर्सन: कई अभ्यर्थियों ने केवल रिसोर्स पर्सन के रूप में काम करने के सर्टिफिकेट लगाए हैं।

अवैतनिक सेवा: कुछ ने कॉलेजों में बिना वेतन (अवैतनिक) सेवा देने के आधार पर अनुभव का दावा किया है।

बिना स्वीकृत पद: कई प्रमाणपत्र उन पदों के हैं जो कॉलेज में स्वीकृत ही नहीं थे।

अल्प मानदेय: कुछ ऐसे भी अभ्यर्थी हैं जिन्होंने महज 500 रुपये प्रति माह पर पढ़ाने का अनुभव दिखाकर नियमित नियुक्ति पा ली।

आयोग ने पल्ला झाड़ा, अब विवि प्रशासन की रिपोर्ट पर होगी कार्रवाई

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन संदिग्ध प्रमाणपत्रों की वैधता को लेकर विश्वविद्यालय सेवा आयोग से मार्गदर्शन मांगा था। विवि ने पूछा था कि इनमें से किन प्रमाणपत्रों को सही माना जाए। सूत्रों के अनुसार, आयोग ने गेंद वापस विश्वविद्यालय के पाले में डालते हुए कहा कि विवि प्रशासन अपने स्तर पर इनकी गहन जांच करे। अब बीआरएबीयू प्रशासन अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट आयोग को भेजने की तैयारी में है, जिसके आधार पर संबंधित शिक्षकों की नियुक्ति रद्द करने की अनुशंसा की जाएगी।

होम साइंस और अंग्रेजी के शिक्षकों पर गिरी गाज, वेतन भी रोका

जांच की आंच सबसे पहले होम साइंस और अंग्रेजी विषयों के नवनियुक्त शिक्षकों पर पहुंची है। अनुभव प्रमाणपत्रों में विसंगति पाए जाने के कारण कई सहायक प्राध्यापकों की पोस्टिंग रोक दी गई है। इतना ही नहीं, होम साइंस विभाग में नियुक्त कई शिक्षकों का वेतन भी विवि प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। बता दें कि इससे पहले भी गलत अनुभव प्रमाणपत्र देने के आरोप में एक सहायक प्राध्यापक को बर्खास्त किया जा चुका है।

रसूखदारों के 'दागी' रिश्तेदार भी रडार पर, दर्ज होगी FIR

इस घोटाले की जड़ें काफी गहरी नजर आ रही हैं। जांच के घेरे में कई ऐसे शिक्षक भी हैं जिनके रिश्तेदार बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक पदों पर बैठे हैं। रसूखदारों के इन रिश्तेदारों के प्रमाणपत्रों पर भी गंभीर आशंकाएं जताई जा रही हैं। विवि प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो न केवल उनकी नौकरी जाएगी, बल्कि जालसाजी के आरोप में उन पर प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज कराई जाएगी। पुलिस मुख्यालय ने भी इस मामले में विवि प्रशासन से दो शिक्षकों की विस्तृत जानकारी मांगी है।