HPCL Refinery Fire: ₹79,450 करोड़ की राजस्थान रिफाइनरी में कैसे लगी थी भीषण आग? PM मोदी करने वाले थे उद्घाटन, कंपनी ने खोला राज
HPCL Rajasthan Refinery News: राजस्थान में बनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) की नई और अत्याधुनिक रिफाइनरी पिछले कुछ दिनों से भयंकर आग लगने की घटना को लेकर चर्चा में है। 20 अप्रैल को हुए इस हादसे ने पूरे प्रशासन में हलचल मचा दी थी, क्योंकि ठीक अगले ही दिन यानी 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका भव्य उद्घाटन करने वाले थे। अब इस पूरे मामले पर HPCL ने शेयर बाजार (Exchange Filing) को आधिकारिक जानकारी देते हुए आग लगने की असली वजह और काम दोबारा शुरू होने की टाइमलाइन का खुलासा किया है।
क्या है आग लगने की मुख्य वजह?
शुरुआती जांच के आधार पर कंपनी ने बताया है कि इस भीषण आग की मुख्य वजह 'गैस लीक' (Gas Leak) हो सकती है। यह हादसा रिफाइनरी की मुख्य यूनिट यानी क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक, वैक्यूम रेजिड्यू एक्सचेंजर की इनलेट लाइन पर मौजूद 'प्रेशर गेज टैपिंग पॉइंट' से हाइड्रोकार्बन लीक हुआ, जिसने भीषण आग का रूप ले लिया। हालांकि, कंपनी का कहना है कि यह आग सिर्फ हीट एक्सचेंजर स्टैक तक ही सीमित रही, लेकिन इसकी चपेट में आकर 6 एक्सचेंजर और उनसे जुड़े अहम उपकरण प्रभावित हुए हैं।
मरम्मत में कितना समय लगेगा और कब शुरू होगा काम?
आग से हुए नुकसान के बाद रिफाइनरी को दोबारा चालू करने के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है।
मरम्मत का समय: कंपनी के अनुसार, डैमेज हुए हिस्सों की मरम्मत का पूरा काम अगले 3 से 4 हफ्तों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
रिफाइनरी रीस्टार्ट: क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) को मई महीने के आखिरी दो हफ्तों में फिर से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
कमर्शियल ऑपरेशन: 8 अप्रैल को जारी सरकारी बयान के मुताबिक, इस मेगा प्रोजेक्ट से एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का कमर्शियल उत्पादन 1 जुलाई से शुरू होना था, बाकी काम अपनी तय योजना के अनुसार ही आगे बढ़ रहे हैं।
उद्घाटन पर लगा ब्रेक, जांच के लिए बनी स्पेशल कमेटी
₹79,450 करोड़ की भारी-भरकम लागत से बनी इस ज्वाइंट वेंचर रिफाइनरी का उद्घाटन फिलहाल के लिए टाल दिया गया है और नई तारीख का ऐलान जल्द किया जाएगा। इस बीच, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। मामले की तह तक जाने के लिए एक विशेष जांच कमेटी का गठन किया गया है, जिसकी कमान MRPL (मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स) के पूर्व एमडी एम. वेंकटेश को सौंपी गई है।
रिफाइनरी शुरू होने से पहले क्यों रहता है ऐसा खतरा?
अक्सर देखा जाता है कि दुनिया भर में रिफाइनरी के स्टार्टअप और कमीशनिंग (Commissioning Phase) के दौरान आग या विस्फोट का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इसका वैज्ञानिक कारण यह है कि इस चरण में पहली बार मशीनों के हाई-प्रेशर और हाई-टेम्परेचर वाले सिस्टम में हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbon) डाला जाता है। जरा सी भी तकनीकी चूक या वाल्व की लीकेज बड़े हादसे का कारण बन सकती है। यही वजह है कि सुरक्षा मानकों के तहत सभी यूनिट्स के पूरी तरह और सुरक्षित रूप से चालू होने के बाद ही किसी भी रिफाइनरी का आधिकारिक उद्घाटन किया जाता है।