बिना सिंचाई की चिंता के कैसे बदलें अपनी किस्मत? यूपी खेत तालाब योजना और मोती पालन का ये गजब फॉर्मूला जान लीजिए
News India Live, Digital Desk: अक्सर खेती-किसानी में हम सबसे ज्यादा परेशान 'पानी' और 'आमदनी' को लेकर रहते हैं। कभी सूखा तो कभी सिंचाई की बढ़ती लागत—इन सबका हल उत्तर प्रदेश सरकार ने 'खेत तालाब योजना' (Khet Talab Yojana) के जरिए निकाला है। लेकिन आज हम सिर्फ पानी की बात नहीं करेंगे, हम बात करेंगे उस तरीके की जिससे आप उसी पानी के अंदर 'मोती' उगाकर अपनी कमाई को कई गुना बढ़ा सकते हैं।
क्या है यह 'खेत तालाब योजना' और आपको क्या फायदा होगा?
यकीन मानिए, सरकार अब चाहती है कि किसान भाई बारिश के पानी पर निर्भर न रहें। इस योजना के तहत अगर आप अपने खेत में तालाब खुदवाते हैं, तो उत्तर प्रदेश सरकार आपको आने वाली लागत का 50% तक सब्सिडी (छूट) देती है। मान लीजिए अगर तालाब खोदने में 1 लाख का खर्चा है, तो आधे पैसे सरकार आपके बैंक खाते में वापस डाल देगी। 2026 में सरकार ने इसे और भी सरल बना दिया है ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को इसका लाभ मिल सके।
अब आते हैं असली मुनाफे की बात पर: मोती पालन (Pearl Farming)
तालाब सिर्फ पानी भरने के लिए नहीं है, यह एक 'एटीएम मशीन' की तरह भी काम कर सकता है। अगर आप इसी तालाब में मोती पालन (Pearl Farming) शुरू करते हैं, तो मुनाफा लाखों में हो सकता है। आजकल बाज़ार में सीप से बने मोतियों की भारी डिमांड है। यूपी के कई प्रगतिशील किसान आज मछली पालन के साथ-साथ मोतियों की खेती करके सालाना 5 से 10 लाख रुपये तक एक्स्ट्रा कमा रहे हैं। अच्छी बात ये है कि मोती पालन के लिए सरकार अलग से भी ट्रेनिंग और प्रोत्साहन दे रही है।
किसे और कैसे मिलेगा इसका लाभ?
- आवेदन: सबसे पहले आपको उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (agriculture.up.gov.in) पर अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। 'पहले आओ-पहले पाओ' वाला हिसाब होता है, तो देरी करने पर बजट खत्म हो सकता है।
- प्रायोरिटी: सरकार इस बार छोटे और सीमांत किसानों, अनुसूचित जाति/जनजाति के भाइयों और महिला किसानों को सबसे ज्यादा अहमियत दे रही है।
- ज़रूरी डाक्यूमेंट्स: आपके पास बस अपना आधार कार्ड, बैंक की पासबुक और ज़मीन के कागज़ात (खसरा-खतौनी) होने चाहिए।
निष्कर्ष: वक्त बदल रहा है, खेती का तरीका भी बदलें...
पुराना ज़माना गया जब हम सिर्फ एक ही फसल पर निर्भर थे। आज के दौर में समझदारी इसी में है कि सरकार की इन योजनाओं का फायदा उठाया जाए। अपने खेत में तालाब बनवाएं, पानी भी बचाएं, सिंचाई का टेंशन भी खत्म करें और उसी में 'मोतियों का जादू' बिखेरकर एक शानदार कमाई का जरिया खड़ा करें।
अगर आपने अभी तक फॉर्म नहीं भरा है, तो देर मत कीजिये, क्योंकि तरक्की का ये रास्ता अब सीधे आपके खेत तक पहुँच चुका है!