हांगकांग की इमारतों में मौत का तांडव: 44 लोगों की जान गई, 300 अब भी लापता... क्या यह महज एक हादसा था या साजिश?

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Hong Kong High-Rise Apartments Fire:ऊंची-ऊंची गगनचुंबी इमारतों और चमक-धमक के लिए मशहूर हांगकांग आज मातम में डूबा हुआ है। शहर के इतिहास में दशकों बाद एक ऐसी आपदा आई है, जिसने सबको सन्न कर दिया है। ताई पो इलाके के 'वांग फुक कोर्ट एस्टेट' में लगी भीषण आग ने हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया है।

अब तक 44 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन जो बात सबसे ज्यादा डराने वाली है, वो यह कि अभी भी करीब 300 लोग लापता हैं। चारों तरफ सिर्फ धुएं का गुबार और अपनों को ढूंढते लोगों की चीख-पुकार है।

आइये जानते हैं कि आखिर इतना बड़ा और 'हाई-टेक' शहर इस आग के सामने बेबस कैसे हो गया।

बांस की मचान (Scaffolding) कैसे बनी मौत का फंदा?

हांगकांग में इमारतों की मरम्मत के लिए लोहे की जगह अक्सर पारंपरिक 'बांस के मचान' का इस्तेमाल होता है। यह वहां की पहचान भी है और इस बार यही आग की वजह भी बनी।

  • कैसे हुई शुरुआत: बुधवार दोपहर को जब लोग अपने घरों में आराम कर रहे थे, तभी इमारत के बाहर मरम्मत के लिए लगे सूखे बांसों ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते लपटें इतनी तेज हो गईं कि बांसों के चटकने की आवाजें दूर तक सुनाई देने लगीं।
  • फैलती गई आग: यह कॉम्प्लेक्स करीब 2,000 फ्लैट्स वाला है। आग एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में तेजी से फैल गई और आसमान काले धुएं से ढक गया।

"खिड़कियां बंद थीं, बुजुर्ग भाग भी न सके"

आंखों देखी गवाही देने वाले 65 साल के यूएन, जो पिछले 40 साल से वहां रह रहे हैं, ने जो बताया वो रूह कांपने वाला है। उन्होंने बताया कि इस सोसाइटी में बुजुर्गों की संख्या बहुत ज्यादा है।

  • मेंटेनेंस का काम: मरम्मत चल रही थी, इसलिए अधिकतर घरों की खिड़कियां बंद थीं या ढकी हुई थीं। कई लोगों को तो पता ही नहीं चला कि बाहर आग लग चुकी है।
  • बेबसी: जब तक धुएं की गंध आई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पड़ोसियों ने फोन करके एक-दूसरे को जगाया, लेकिन कई बुजुर्ग अपनी धीमी रफ़्तार की वजह से धुएं और लपटों के बीच फंस गए।

हत्या की साजिश? 3 लोग गिरफ्तार

जहां एक तरफ दमकलकर्मी जान पर खेलकर आग बुझा रहे हैं, वहीं पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। यह महज एक हादसा नहीं हो सकता। पुलिस ने हत्या के संदेह में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, उनका रोल क्या था या उन्होंने आग जानबूझकर लगाई, इस पर पुलिस ने अभी चुप्पी साध रखी है। लेकिन इन गिरफ्तारियों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।

24 घंटे बाद भी सुलग रहा है शहर

गुरुवार की सुबह तक भी ताई पो के इलाके में जले हुए बांस और धुएं की गंध फैली हुई है।

  • दमकलकर्मी अभी भी तीन इमारतों में सुलग रही आग को बुझाने में जुटे हैं।
  • हॉस्पिटल अथॉरिटी के मुताबिक, 66 लोग भर्ती हैं, जिनमें से 17 की हालत बहुत नाजुक है। जिधर देखो, एम्बुलेंस और सायरन की आवाजें हैं।

राष्ट्रपति का आदेश: हर जान बचाओ

इस त्रासदी की गूंज बीजिंग तक पहुंच गई है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सख्त निर्देश दिए हैं कि बचाव कार्य में कोई कसर न छोड़ी जाए। उन्होंने इसे 'ऑल-आउट एफर्ट' (All-out effort) बनाने को कहा है। वहीं, हांगकांग के नेता जॉन ली ने बताया कि बेघर हुए 900 से ज्यादा लोगों के लिए अस्थायी शेल्टर बनाए गए हैं।

हांगकांग के लिए यह सिर्फ एक आग नहीं, बल्कि एक गहरा जख्म है जिसे भरने में बहुत वक्त लगेगा। लापता 300 लोगों के लिए अभी भी दुआओं का दौर जारी है।