Holi 2026 : उत्तर भारत की इन 5 पवित्र जगहों पर बरसते हैं अद्भुत रंग, लाठमार से लेकर फूलों की होली तक
News India Live, Digital Desk : भारत में होली का त्योहार केवल रंगों का खेल नहीं, बल्कि एक गहरी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभूति है। खासकर उत्तर भारत में, ब्रज की गलियों से लेकर गंगा के घाटों तक, होली मनाने का अंदाज दुनिया भर में मशहूर है। अगर आप होली 2026 को यादगार बनाना चाहते हैं, तो इन 5 प्रसिद्ध और पवित्र स्थानों की यात्रा करने का प्लान अभी से बना लें।
1. बरसाना: विश्व प्रसिद्ध 'लाठमार होली'
बरसाना की होली अपनी अनूठी परंपरा के लिए जानी जाती है। यहाँ की लाठमार होली देखने के लिए दुनिया भर से पर्यटक आते हैं।
परंपरा: मान्यता है कि भगवान कृष्ण अपने सखाओं के साथ राधा रानी के गाँव बरसाना होली खेलने जाते थे। आज भी यहाँ की महिलाएं प्रतीकात्मक रूप से पुरुषों पर लाठियाँ बरसाती हैं, और पुरुष ढाल से अपना बचाव करते हैं।
कब जाएं: मुख्य होली से करीब एक हफ्ता पहले यहाँ उत्सव शुरू हो जाता है।
2. वृंदावन: खुशबूदार 'फूलों की होली'
वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में होली का नजारा स्वर्ग जैसा होता है। यहाँ रंगों के बजाय ताजे फूलों की पंखुड़ियों से होली खेली जाती है।
खासियत: फूलों की होली महज 15-20 मिनट के लिए होती है, जहाँ पुजारी भक्तों पर फूलों की वर्षा करते हैं। इसके अलावा यहाँ की 'रंग भरी एकादशी' भी बेहद खास होती है।
3. मथुरा: जन्मभूमि का भव्य उत्सव
कृष्ण की जन्मस्थली मथुरा में होली का उत्सव पूरे 40 दिनों तक चलता है।
क्या देखें: द्वारकाधीश मंदिर में होने वाली होली और चतुर्वेदी समाज द्वारा निकाला जाने वाला जुलूस (डोला) देखने लायक होता है। यहाँ अबीर-गुलाल और भक्ति गीतों की गूँज आपके मन को मोह लेगी।
4. वाराणसी (काशी): मणिकर्णिका की 'भस्म होली'
काशी की होली का अंदाज सबसे निराला और थोड़ा रहस्यमयी है। यहाँ भगवान शिव के भक्त श्मशान की राख (भस्म) से होली खेलते हैं।
मसान होली: रंगभरी एकादशी के अगले दिन मणिकर्णिका घाट पर मसान होली खेली जाती है। यह जीवन और मृत्यु के बीच के उल्लास को दर्शाती है।
5. आनंदपुर साहिब (पंजाब): शौर्य की प्रतीक 'होला मोहल्ला'
अगर आप होली में वीरता और साहस का संगम देखना चाहते हैं, तो पंजाब के आनंदपुर साहिब जरूर जाएं।
परंपरा: सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी ने 'होला मोहल्ला' की शुरुआत की थी। यहाँ निहंग सिख घुड़सवारी, तलवारबाजी और पारंपरिक युद्ध कला (गतका) का प्रदर्शन करते हैं।
उत्तर भारत में होली मनाने के लिए ट्रेवल टिप्स:
एडवांस बुकिंग: ब्रज और काशी में होली के समय भारी भीड़ होती है, इसलिए होटल और टिकट कम से कम 2-3 महीने पहले बुक करें।
सुरक्षा: भीड़भाड़ वाली जगहों पर अपने सामान का ध्यान रखें और प्राकृतिक रंगों का ही उपयोग करें।
लोकल ट्रांसपोर्ट: इन दिनों कई सड़कें बंद हो सकती हैं, इसलिए पैदल चलने या ई-रिक्शा के लिए तैयार रहें।