झारखंड में हाई अलर्ट, माओवादियों का आज बंद का ऐलान, चप्पे-चप्पे पर CRPF तैनात
News India Live, Digital Desk: झारखंड के कई इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए आज, बुधवार, 15 अक्टूबर, 2025 का दिन थोड़ी सावधानी और सतर्कता बरतने वाला है. खबर है कि कुछ माओवादी संगठनों ने राज्य में बंद (झारखंड बंद का ऐलान) का आह्वान किया है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है. राज्य में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है और जगह-जगह पर भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है. इस 'नक्सली बंद' से आम जनजीवन और परिवहन सेवाओं पर कुछ असर देखने को मिल सकता है, इसलिए बाहर निकलने से पहले आपको पूरी जानकारी होना बहुत जरूरी है.
क्या है प्रशासन की तैयारी? (झारखंड में सुरक्षा व्यवस्था)
माओवादियों के इस बंद के ऐलान के बाद, राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन कोई ढील नहीं बरतना चाहता. सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए पूरे झारखंड में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 4 कंपनियां तैनात की गई हैं. यह 'सीआरपीएफ तैनाती झारखंड' उन इलाकों में विशेष रूप से की गई है, जहां नक्सल गतिविधियों का खतरा ज़्यादा होता है. पुलिस और जिला प्रशासन ने सभी प्रमुख सड़कों, चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर गश्त बढ़ा दी है. 'प्रशासन सतर्क झारखंड' है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.
किन इलाकों में रहेगा ज़्यादा असर और क्यों?
यह बंद विशेष रूप से झारखंड के उन ग्रामीण और जंगली इलाकों में असरदार हो सकता है जहां माओवादी संगठनों की पकड़ मानी जाती है. ऐसे में इन क्षेत्रों में सुबह से ही दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर 'माओवादी बंद का असर' दिखना शुरू हो सकता है. सार्वजनिक परिवहन जैसे बस और ऑटो का आवागमन भी प्रभावित हो सकता है. सड़कों पर सन्नाटा भी देखने को मिल सकता है. यह 'नक्सल प्रभावित क्षेत्र झारखंड' के लोगों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी में दिक्कतें पैदा कर सकता है.
इस बंद का मुख्य मकसद सरकारी विकास परियोजनाओं में बाधा डालना और अपनी उपस्थिति दर्ज कराना होता है. इसके चलते अक्सर ठेकेदारों और छोटे व्यापारियों को काम बंद रखना पड़ता है.
आम जनता क्या करे? (झारखंड बंद के दौरान सावधानी)
- अनावश्यक यात्रा से बचें: अगर बहुत जरूरी न हो, तो 'झारखंड में यात्रा करने से बचें', खासकर सुबह के समय और दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में.
- सार्वजनिक परिवहन की जानकारी लें: यात्रा करने से पहले बस स्टैंड या रेलवे स्टेशन से 'झारखंड में परिवहन स्थिति' की जानकारी जरूर ले लें.
- अफवाहों पर ध्यान न दें: सोशल मीडिया पर फैल रही 'नक्सली बंद' से जुड़ी अफवाहों से सावधान रहें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही विश्वास करें.
- सुरक्षित रहें: घर पर रहें और प्रशासन द्वारा जारी की गई किसी भी सलाह का पालन करें.
सरकार का मानना है कि इन माओवादी गतिविधियों से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है. सुरक्षाबल किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. यह 'झारखंड सुरक्षा अलर्ट' इस बात का प्रमाण है.