Hessonite Gemstone Benefits : राहु-केतु के प्रभाव से परेशान हैं? ये दो रत्न दिला सकते हैं राहत
News India Live, Digital Desk: ज्योतिष की दुनिया में रा-हु और के-तु को छाया ग्रह कहा जाता है. ये ऐसे ग्रह हैं जो जब किसी की कुंडली में गलत जगह पर बैठ जाएं तो जीवन में उथल-पुथल मचा देते हैं. मानसिक तनाव, काम में रुकावटें और सेहत से जुड़ी परेशानियां लगी रहती हैं. लेकिन घबराने की बात नहीं है, क्योंकि ज्योतिष में हर समस्या का समाधान भी बताया गया है. राहु और केतु के बुरे प्रभावों को कम करने के लिए दो खास रत्न यानी पत्थर पहनने की सलाह दी जाती है - गोमेद (Gomed) और लहसुनिया (Lehsuniya).
आइए, आज हम इसी बारे में सरल शब्दों में बात करते हैं कि आखिर ये रत्न कैसे काम करते हैं और इन्हें पहनने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
राहु का तोड़ है 'गोमेद'
अगर आपकी कुंडली में राहु कमजोर या गलत घर में है, तो आपको अक्सर भ्रम, गलत फैसले लेने और मानसिक अशांति का सामना करना पड़ सकता है. राहु के इसी नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए "गोमेद" पहनने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि यह रत्न राहु की ऊर्जा को शांत और संतुलित करता है
गोमेद पहनने के फायदे:
- यह मन को शांत करता है और सोचने-समझने की शक्ति को बेहतर बनाता है.
- रुके हुए काम धीरे-धीरे बनने लगते हैं
- यह आत्मविश्वास बढ़ाने में भी मदद करता है.
- नकारात्मक ऊर्जा और दुश्मनों से भी बचाव करता है.
ज्योतिष के जानकार बताते हैं कि गोमेद को चांदी या अष्टधातु की अंगूठी में पहनना चाहिए और इसका वजन 6 रत्ती से कम नहीं होना चाहिए.इसे शनिवार के दिन बीच वाली उंगली यानी मध्यमा में धारण करना शुभ माना जाता है
केतु के लिए 'लहसुनिया'
अब बात करते हैं केतु की. कुंडली में केतु की खराब स्थिति इंसान को अध्यात्म से भटका सकती है, सेहत से जुड़ी समस्याएं दे सकती है और करियर में भी रुकावटें पैदा करती है. केतु के इन्हीं बुरे प्रभावों से बचने के लिए "लहसुनिया" या "कैट्स आई" (Cat's Eye) पहनने की सलाह दी जाती है
लहसुनिया पहनने के फायदे:
- यह रत्न मानसिक तनाव और उलझनों को दूर करता है.
- करियर में आ रही बाधाओं को दूर करने में मदद करता है.
- अध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ाता है और मन को एकाग्र करता है.
- माना जाता है कि यह रत्न बुरी नजर से भी बचाता है.
लहसुनिया को भी चांदी में पहनना अच्छा माना जाता है. इसे पहनने से पहले किसी अच्छे ज्योतिषी से सलाह ज़रूर लेनी चाहिए, क्योंकि गलत तरीके से या गलत समय पर पहना गया रत्न फायदे की जगह नुकसान भी कर सकता है.
सबसे ज़रूरी बात: सलाह के बिना न पहनें कोई रत्न
एक बात हमेशा याद रखें, गोमेद और लहसुनिया दोनों ही बहुत शक्तिशाली रत्न हैं.इन्हें कभी भी किसी के कहने पर या बस जानकारी के आधार पर नहीं पहनना चाहिए. कोई भी रत्न धारण करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी को अपनी कुंडली दिखाकर यह जानना बहुत ज़रूरी है कि वह रत्न आपके लिए वाकई फायदेमंद है या नहीं. अगर आपकी कुंडली के हिसाब से यह रत्न सही नहीं है, तो यह आपके जीवन में परेशानियां बढ़ा भी सकता है.
इसलिए, अगर आप राहु-केतु के बुरे प्रभावों से परेशान हैं और इन रत्नों को पहनने के बारे में सोच रहे हैं, तो पहला कदम एक अच्छे ज्योतिषी से सलाह लेना ही होना चाहिए. सही सलाह और सही विधि से पहना गया रत्न ही आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है.