Healthy Heart : क्या आपका दिल कमजोर हो रहा है? जानें हार्ट फेलियर के बारे में सबकुछ और इससे बचने के 5 सुनहरे नियम
News India Live, Digital Desk: हार्ट अटैक' शब्द सुनते ही हमारे मन में डर बैठ जाता है, लेकिन एक और स्थिति है जो उतनी ही गंभीर है, पर उसके बारे में लोगों को जानकारी बहुत कम है - और वो है 'हार्ट फेलियर' (Heart Failure)। ज्यादातर लोग हार्ट फेलियर को हार्ट अटैक ही समझ लेते हैं, जबकि ये दोनों बिल्कुल अलग चीजें हैं। हार्ट फेलियर एक क्रॉनिक यानी लंबे समय तक चलने वाली बीमारी है, जिसमें आपका दिल धीरे-धीरे कमजोर होता जाता है।
अच्छी बात यह है कि अगर आप समय रहते सतर्क हो जाएं और अपनी जीवनशैली में कुछ जरूरी बदलाव कर लें, तो आप इस गंभीर बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
सबसे पहले समझें: हार्ट फेलियर आखिर है क्या?
हार्ट फेलियर का मतलब यह नहीं है कि आपके दिल ने काम करना बंद कर दिया है। इसका सीधा सा मतलब यह है कि आपका दिल इतना कमजोर हो गया है कि वह शरीर की जरूरतों के हिसाब से खून को असरदार तरीके से पंप नहीं कर पा रहा है। जब ऐसा होता है, तो शरीर के बाकी अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जिससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं शुरू हो जाती हैं।
हार्ट फेलियर के मुख्य कारण क्या हैं?
हार्ट फेलियर अचानक नहीं होता। यह अक्सर उन बीमारियों का नतीजा होता है जो सालों से आपके दिल को नुकसान पहुंचा रही होती हैं, जैसे:
- हाई ब्लड प्रेशर: यह हार्ट फेलियर का सबसे आम कारण है। लंबे समय तक बीपी हाई रहने से दिल की मांसपेशियों पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे वे मोटी और कमजोर हो जाती हैं।
- कोरोनरी आर्टरी डिजीज: दिल तक खून ले जाने वाली नसों में कोलेस्ट्रॉल जमने (ब्लॉकेज) से दिल की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचता है।
- हार्ट अटैक: हार्ट अटैक से दिल का जो हिस्सा डैमेज हो जाता है, उसकी पंप करने की क्षमता कम हो जाती है।
- डायबिटीज (शुगर): अनकंट्रोल डायबिटीज दिल और रक्त वाहिकाओं को कमजोर करती है।
- मोटापा: ज्यादा वजन से दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
- दिल के वाल्व की बीमारी: दिल के वाल्व खराब होने से ब्लड फ्लो ठीक से नहीं हो पाता।
हार्ट फेलियर से कैसे बचें? 5 सेल्फ-मैनेजमेंट टिप्स
आप अपनी दिनचर्या में कुछ आसान बदलाव करके अपने दिल को स्वस्थ रख सकते हैं और हार्ट फेलियर के जोखिम को कम कर सकते हैं:
- नमक को कहें 'ना': नमक यानी सोडियम, शरीर में पानी को खींचकर रखता है, जिससे खून का वॉल्यूम बढ़ जाता है और कमजोर दिल पर काम का बोझ बढ़ जाता है। अपनी डाइट में नमक कम करें। पैकेट वाले चिप्स, अचार, पापड़ और प्रोसेस्ड फूड से दूर रहें।
- दवाएं कभी न छोड़ें: अगर आपको हाई बीपी, डायबिटीज या कोलेस्ट्रॉल है, तो डॉक्टर की दी हुई दवाएं भगवान का प्रसाद समझकर समय पर लें। इन बीमारियों को कंट्रोल में रखना आपके दिल को सुरक्षित रखने के लिए सबसे जरूरी है।
- रोज चलें, दिल को चलाएं: आपको जिम में घंटों पसीना बहाने की जरूरत नहीं है। रोजाना बस 30 मिनट की तेज चाल (ब्रिस्क वॉकिंग) भी आपके दिल के लिए चमत्कार कर सकती है। इससे दिल की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
- वजन पर रखें पैनी नजर: हर रोज सुबह एक ही समय पर अपना वजन चेक करने की आदत डालें। अगर आपका वजन एक दिन में 1 किलो से ज्यादा या एक हफ्ते में 2 किलो से ज्यादा बढ़ जाए, तो यह शरीर में पानी जमा होने का संकेत हो सकता है, जो हार्ट फेलियर का एक बड़ा लक्षण है। तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
- धूम्रपान और शराब से तौबा करें: धूम्रपान आपकी खून की नसों का सबसे बड़ा दुश्मन है, यह उन्हें सख्त और संकरा बना देता है। वहीं, ज्यादा शराब पीने से दिल की मांसपेशियां सीधे तौर पर कमजोर होती हैं। इन दोनों आदतों को आज ही छोड़ दें।
आपका दिल आपके शरीर का इंजन है। इसकी देखभाल करना सिर्फ डॉक्टर की नहीं, आपकी भी जिम्मेदारी है। इन छोटे-छोटे कदमों से आप एक लंबा और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।