प्याज काटते ही आंखों में क्यों आ जाते हैं आंसू? जानिए इसके पीछे का असली विज्ञान और बचने के 5 जादुई तरीके
प्याज भारतीय रसोई का एक बेहद अहम हिस्सा है। चाहे ग्रेवी वाली मसालेदार सब्जी हो, दाल का तड़का हो या फिर खाने के साथ कंचा सलाद— प्याज के बिना भारतीय व्यंजनों का स्वाद अधूरा सा लगता है। स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ प्याज हमारी सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी, विटामिन बी6, फोलेट, पोटैशियम और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। यही वजह है कि डॉक्टर इसे संतुलित डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं। लेकिन, इस गुणकारी प्याज को काटना किसी जंग से कम नहीं होता, क्योंकि चाकू चलते ही आंखों से आंसुओं का सैलाब बहने लगता है। आइए जानते हैं कि आखिर प्याज काटने पर आंसू क्यों आते हैं और इससे बचने के आसान उपाय क्या हैं।
आखिर प्याज काटते समय क्यों रोती हैं आंखें? जानिए विज्ञान
प्याज काटने पर आंखों में होने वाली जलन और आंसुओं के पीछे एक पूरी तरह से वैज्ञानिक प्रक्रिया काम करती है। असल में, जब हम चाकू से प्याज को काटते हैं, तो उसके अंदर मौजूद सूक्ष्म सेल्स (कोशिकाएं) टूट जाती हैं। सेल्स के टूटने से रासायनिक प्रतिक्रिया होती है और सिन-प्रोपैनेथियल-एस-ऑक्साइड ($Syn-propanethial-E-oxide$) नाम की एक खास सल्फर गैस हवा में रिलीज होती है।
जब यह गैस उड़कर हमारी आंखों तक पहुंचती है, तो आंखों की सतह पर मौजूद प्राकृतिक नमी (पानी) के संपर्क में आते ही यह हल्का सा एसिड (सल्फ्यूरिक एसिड) बना देती है। इसी एसिड के कारण आंखों में तेज खुजली और जलन होने लगती है। इस जलन से खुद को बचाने और एसिड को धोने के लिए हमारा नर्वस सिस्टम एक्टिव हो जाता है और लैक्रिमल ग्लैंड्स (आंसू ग्रंथियों) को तेजी से पानी बनाने का आदेश देता है। यही वजह है कि हमारी आंखों से फटाफट आंसू निकलने लगते हैं।
प्याज काटते समय आंसुओं से बचने के 5 आसान और घरेलू उपाय
अगर प्याज काटते समय आपकी आंखों से भी ज्यादा आंसू आते हैं, तो शेफ और वैज्ञानिकों द्वारा बताए गए इन आसान किचन हैक्स को अपनाकर आप इस समस्या को हमेशा के लिए खत्म कर सकते हैं:
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प्याज को फ्रिज में रखें (चिलिंग इफेक्ट): प्याज को काटने से कम से कम 15 से 20 मिनट पहले फ्रिज या ठंडे पानी में रख दें। तापमान कम होने के कारण प्याज के अंदर होने वाली रासायनिक प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिससे गैस बहुत कम मात्रा में निकलती है।
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हमेशा तेज धार वाले चाकू का इस्तेमाल करें: कम धार या कुंद चाकू से काटने पर प्याज के सेल्स बेरहमी से कुचल जाते हैं, जिससे ज्यादा मात्रा में गैस हवा में फैलती है। इसके विपरीत, एक बहुत तेज धार वाला चाकू स्मूथ कटिंग करता है और गैस को रिलीज होने से रोकता है।
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हवादार जगह या एग्जॉस्ट फैन के पास काटें: प्याज को हमेशा खुली और अच्छी वेंटिलेशन वाली जगह पर काटें। आप चाहें तो किचन की चिमनी या एग्जॉस्ट फैन को ऑन कर सकते हैं, जिससे निकलने वाली गैस आंखों तक पहुंचने से पहले ही बाहर खिंच जाएगी।
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जड़ वाले हिस्से (Root) को आखिर में काटें: प्याज के सबसे निचले यानी जड़ वाले हिस्से में सल्फर और गैस बनाने वाले एंजाइम्स की मात्रा सबसे अधिक होती है। इसलिए प्याज को ऊपर से काटना शुरू करें और जड़ वाले हिस्से को सबसे अंत में काटकर अलग कर दें।
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प्रोटेक्टिव चश्मे का इस्तेमाल: अगर आपकी आंखें बहुत ज्यादा सेंसिटिव हैं, तो प्याज काटते समय आप साधारण पारदर्शी चश्मा या किचन गॉगल्स पहन सकते हैं। यह चश्मा गैस को सीधे आंखों के संपर्क में आने से रोकने के लिए एक दीवार का काम करता है।
भूलकर भी न करें ये गलतियां; बढ़ सकती है परेशानी
प्याज काटते समय कुछ आम गलतियों से बचना बेहद जरूरी है, वरना आंखों को नुकसान पहुंच सकता है। कभी भी बंद या बिना वेंटिलेशन वाले कमरे में ढेर सारे प्याज एक साथ न काटें। सबसे जरूरी बात, प्याज काटते समय जब आंखों में जलन हो, तो अपने हाथों से आंखों को बार-बार रगड़ने की भूल बिल्कुल न करें; क्योंकि आपके हाथों और नाखूनों में प्याज का तीखा रस लगा होता है, जो जलन को कई गुना बढ़ा सकता है। आंखों को छूने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धो लें। अगर प्याज काटने के काफी देर बाद भी आंखों में तेज दर्द, लगातार पानी आना या लालिमा (Redness) बनी रहे, तो इसे सामान्य न समझें और तुरंत किसी आई स्पेशलिस्ट (डॉक्टर) से संपर्क करें।