सेहत के लिए क्या है ज्यादा बेहतर: रोजाना 10 हजार कदम चलना या सिर्फ 30 मिनट की वर्कआउट? जानिए एक्सपर्ट्स की ये हैरान करने वाली राय
भागदौड़ भरी इस आधुनिक जीवनशैली में हर कोई अपनी सेहत को लेकर बहुत ज्यादा जागरूक हो चुका है। खुद को चुस्त-दुरस्त रखने और गंभीर बीमारियों से दूर रहने के लिए लोग तरह-तरह के फिटनेस फॉर्मूलों को अपनाते हैं। जब भी फिटनेस की बात आती है, तो आमतौर पर दो सबसे बड़े और लोकप्रिय तरीके सामने आते हैं—पहला है पूरे दिन में कम से कम 10 हजार कदम चलना और दूसरा है जिम या घर पर मात्र 30 मिनट की इंटेंस एक्सरसाइज करना। अक्सर लोगों के मन में यह बहुत बड़ा असमंजस रहता है कि इन दोनों में से कौन सा विकल्प हमारी सेहत, वजन घटाने और दिल की सेहत के लिए सबसे ज्यादा असरदार और फायदेमंद है। क्या दिन भर पैदल चलना जिम के पसीने से बेहतर है या फिर आधे घंटे की वर्कआउट ही काफी है? इस लेख में हम फिटनेस और मेडिकल विशेषज्ञों की राय के आधार पर इन दोनों विकल्पों के फायदों और उनकी असल सच्चाई का पूरा विश्लेषण करने जा रहे हैं, ताकि आप अपनी जीवनशैली के हिसाब से सही फैसला ले सकें।
फिटनेस की दुनिया में 10 हजार कदमों का ट्रेंड और इसके पीछे का सच
दैनिक जीवन में 10 हजार कदम चलने का यह जादुई आंकड़ा पिछले कुछ वर्षों में पूरी दुनिया में फिटनेस का एक वैश्विक मानक बन गया है। स्मार्टफोन और फिटनेस स्मार्टवॉच के आने के बाद से हर कोई अपने दिनभर के कदमों की गिनती करने लगा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का यह मानना है कि रोजाना 10 हजार कदम (जो कि लगभग 7 से 8 किलोमीटर की दूरी के बराबर होता है) चलने से शरीर की कैलोरी तेजी से बर्न होती है, मेटाबॉलिज्म मजबूत होता है और सुस्त जीवनशैली से होने वाली बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। यह एक ऐसा तरीका है जिसे किसी भी उम्र का व्यक्ति बिना किसी विशेष जिम ट्रेनिंग या महंगे उपकरणों के आसानी से अपनी डेली रूटीन में शामिल कर सकता है। सुबह की सैर हो या शाम को टहलना, चलना हमारे शरीर की प्राकृतिक गति को बनाए रखता है और हमारे जोड़ों को लचीला व स्वस्थ रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है।
30 मिनट की इंटेंस एक्सरसाइज या वर्कआउट के चमत्कारी और त्वरित फायदे
दूसरी तरफ, जो लोग समय के अभाव के कारण पूरे दिन टहल नहीं पाते हैं, वे 30 मिनट की हाई-इंटेन्सिटी वर्कआउट या जिम सेशन को अपनी प्राथमिकता बनाते हैं। फिटनेस साइंस के अनुसार, यदि आप पूरी ईमानदारी और सही तकनीक के साथ दिन के सिर्फ 30 मिनट कार्डियो, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, रनिंग या योगा में बिताते हैं, तो वह आधे घंटे की मेहनत पूरे दिन के कई घंटों के चलने के बराबर असर दिखा सकती है। कम समय में दिल की धड़कन को तेजी से बढ़ाना (Heart Rate Elevation), मांसपेशियों को मजबूत करना और शरीर की स्ट्रेंथ बढ़ाना इस छोटे और असरदार सेशन का मुख्य फायदा होता है। जो लोग अपना वजन तेजी से घटाना चाहते हैं या अपनी बॉडी को टोन करना चाहते हैं, उनके लिए यह 30 मिनट की पसीना बहाने वाली एक्सरसाइज सबसे बेहतरीन और सटीक विकल्प मानी जाती है, क्योंकि यह शरीर की ऊर्जा की खपत को लंबे समय तक चालू रखती है।
दोनों में से कौन सा विकल्प है सबसे बेहतर: मेडिकल साइंस का नजरिया
जब बात यह तुलना करने की आती है कि इन दोनों में से कौन सा विकल्प आपकी ओवरऑल हेल्थ के लिए बेहतर है, तो विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों के अपने-अपने अलग और अनूठे फायदे हैं और दोनों की तुलना सीधे तौर पर नहीं की जा सकती। 10 हजार कदम चलना एक तरह की 'नॉन-एक्सरसाइज एक्टिविटी थर्मोजेनेसिस' है, जो पूरे दिन आपके शरीर को सक्रिय रखती है और ब्लड शुगर तथा कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करती है। इसके विपरीत, 30 मिनट की एक्सरसाइज कार्डियोवस्कुलर फिटनेस और मसल्स मास को बढ़ाने का काम करती है। यदि आप वजन कम करना चाहते हैं और स्टैमिना मजबूत करना चाहते हैं, तो 30 मिनट की एक्सरसाइज भारी पड़ सकती है, लेकिन यदि आप एक लंबी उम्र और जोड़ों के स्वास्थ्य की कामना करते हैं, तो पूरे दिन की शारीरिक सक्रियता यानी चलना बहुत जरूरी है।
अपनी जीवनशैली के अनुसार कैसे बनाएं सही फिटनेस प्लान
अगर आप एक संतुलित और स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं, तो किसी एक विकल्प को चुनने के बजाय दोनों का एक बेहतरीन संतुलन बनाना आपके स्वास्थ्य के लिए सबसे उत्तम परिणाम दे सकता है। यदि आप दिन भर डेस्क जॉब करते हैं और आठ घंटे कुर्सी पर बैठते हैं, तो केवल 30 मिनट की एक्सरसाइज काफी नहीं होगी, ऐसे में आपको बीच-बीच में उठकर चलना और अपने 10 हजार कदमों के लक्ष्य को पूरा करना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, अगर आप बहुत ज्यादा पैदल चलते हैं लेकिन शरीर की ताकत बढ़ाने या स्ट्रेंथ के लिए कुछ नहीं करते, तो थोड़ा बहुत स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या योगा भी अपनी दिनचर्या में जोड़ना चाहिए। कुल मिलाकर, सबसे बेहतर फिटनेस वही है जिसे आप बिना किसी दबाव के लंबे समय तक लगातार अपनी आदत बना सकें और अपनी सेहत को हमेशा प्राथमिकता दे सकें।