चिप्स, चॉकलेट और जंक फूड ने बच्चों के लिवर को बना दिया बीमार! जानिए ये 5 खतरनाक संकेत जिन्हें भूलकर भी न करें इग्नोर
बिगड़ती हुई लाइफस्टाइल और गलत खानपान का असर अब सिर्फ बड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मासूम बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। चिप्स, चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक्स और दूसरे अल्ट्रा-प्रोसेस्ड स्नैक्स के बिना आजकल कई बच्चों का दिन पूरा नहीं होता। माता-पिता प्यार और दुलार में उन्हें ये चीजें आसानी से दे देते हैं, लेकिन यही आदत उन्हें कम उम्र में ही लिवर की गंभीर बीमारियों का शिकार बना रही है। फूड्स की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए इनमें जो प्रिजर्वेटिव मिलाए जाते हैं, वे धीरे-धीरे शरीर को अंदर से खोखला कर रहे हैं। खानपान की इन बुरी आदतों के साथ-साथ बच्चों का कम फिजिकली एक्टिव रहना फैटी लिवर और लिवर से जुड़ी अन्य समस्याओं को जन्म दे रहा है। आइए जानते हैं कि बच्चों में लिवर की बिगड़ी हुई सेहत के कौन से लक्षणों को भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
बच्चों में लिवर खराब होने के ये हैं शुरुआती संकेत
केडिएसजी हॉस्पिटल के सीनियर पीडियाट्रिशियन डॉक्टर अजय कुमार के अनुसार, अगर बच्चे में निम्नलिखित लक्षण नजर आएं, तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए:
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आंखों में पीलापन: अगर बच्चे की आंखों या त्वचा में पीलापन नजर आ रहा है, तो यह लिवर की गड़बड़ी का सबसे बड़ा संकेत है। इसे बिल्कुल इग्नोर न करें।
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उल्टी और मितली: बच्चे का बार-बार उल्टी करना या हर वक्त उल्टी जैसा मन होना।
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पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द: पेट के ऊपर और दाहिने (Right side) हिस्से में लगातार दर्द की शिकायत रहना।
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भूख में कमी और पेट फूलना: बच्चे की भूख अचानक कम हो जाना और पेट फूला हुआ महसूस होना।
जब लिवर की स्थिति हो जाती है बेहद गंभीर
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर बच्चों के लिवर की सेहत लंबे समय तक नजरअंदाज की जाए, तो स्थिति खतरनाक रूप ले सकती है:
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पेट में पानी भरना (Ascites)
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पूरे शरीर या विशेषकर पैरों में इतनी ज्यादा सूजन आ जाना कि स्किन से पानी तक रिसने लगे।
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मल में खून आना या शरीर के किसी हिस्से से ब्लीडिंग होना।
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दौरे (Seizures) जैसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्याएं होना।
बच्चों के लिवर को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें?
बच्चे के लिवर की बीमारी का असली कारण (जैसे फैटी लिवर, हेपेटाइटिस, इंफेक्शन या जेनेटिक समस्या) पहचानना बहुत जरूरी है, क्योंकि इलाज उसी के अनुसार होता है। इसके अलावा कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है:
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हेल्दी डाइट अपनाएं: बच्चों को पैकेटबंद और जंक फूड की बजाय ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और उनकी उम्र के हिसाब से सही मात्रा में प्रोटीन दें।
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शुगर और तली-भुनी चीजों से दूरी: हद से ज्यादा तला-भुना खाना, जंक फूड और मीठी चीजें बच्चों को बिल्कुल न दें।
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डॉक्टर की सलाह बिना दवा न दें: अपनी मर्जी से बच्चों को एंटीबायोटिक्स या पेनकिलर्स देना उनके लिवर को कमजोर कर सकता है। हमेशा पीडियाट्रिशियन की सलाह पर ही दवा दें।
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बॉडी को रखें हाइड्रेटेड: बच्चे को दिनभर में भरपूर मात्रा में पानी पिलाएं। इसके अलावा, नारियल पानी बॉडी को अंदर से हाइड्रेट रखने का सबसे बेहतरीन जरिया है। दिन में कम से कम एक नारियल पानी बच्चे को जरूर पिलाएं।