सावधान! बारिश के मौसम में चिकन-मटन खाना पड़ सकता है भारी, इन 4 तरह के लोग तुरंत बना लें दूरी

सावधान! बारिश के मौसम में चिकन-मटन खाना पड़ सकता है भारी, इन 4 तरह के लोग तुरंत बना लें दूरी

मानसून की रिमझिम फुहारें आते ही लोगों का खान-पान का मिजाज बदलने लगता है। इस सुहाने मौसम में ज्यादातर लोग मसालेदार और नॉनवेज खाने की तरफ आकर्षित होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बारिश के दिनों में चिकन, मटन या मछली का अत्यधिक सेवन आपकी सेहत को तगड़ा नुकसान पहुंचा सकता है? डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में बैक्टीरिया और फंगस का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जिसके कारण नॉनवेज भोजन का पाचन बेहद धीमा हो जाता है। खासकर कुछ बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए इस मौसम में चिकन-मटन का सेवन अस्पताल के चक्कर कटवा सकता है।

कमजोर पाचन क्रिया वाले लोग तुरंत लगा लें ब्रेक

बारिश के मौसम में हवा में नमी (ह्यूमिडिटी) बहुत ज्यादा होती है, जिसके कारण हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म और पाचन तंत्र प्राकृतिक रूप से धीमा हो जाता है। नॉनवेज को पचाने के लिए पेट को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में जिन लोगों को पहले से ही गैस, एसिडिटी, ब्लोटिंग या कब्ज की शिकायत रहती है, उन्हें इस मौसम में चिकन और मटन खाने से सख्त परहेज करना चाहिए। बारिश में नॉनवेज खाने से पाचन क्रिया पूरी तरह गड़बड़ा सकती है, जिससे पेट में इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।

यूरिक एसिड और गठिया के मरीज हो जाएं सतर्क

चिकन और रेड मीट (मटन) में प्यूरीन की मात्रा बहुत अधिक होती है। जिन लोगों के शरीर में यूरिक एसिड का स्तर हमेशा बढ़ा रहता है या जो गठिया (आर्थराइटिस) के शिकार हैं, उनके लिए बारिश में नॉनवेज खाना जहर के समान हो सकता है। मानसून में पानी कम पीने की आदत और भारी भोजन के कारण शरीर से टॉक्सिन्स बाहर नहीं निकल पाते, जिससे जोड़ों में यूरिक एसिड के क्रिस्टल्स जमा होने लगते हैं। इसके परिणामस्वरूप घुटनों और उंगलियों में तेज दर्द व सूजन की समस्या अचानक बढ़ सकती है।

कमजोर इम्यूनिटी और एलर्जी से परेशान लोग रहें दूर

बरसात का मौसम संक्रमण का काल माना जाता है। इस दौरान मीट और चिकन के दूषित होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। जो लोग अक्सर बीमार पड़ते हैं या जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) कमजोर है, उन्हें इस मौसम में बाहर का या अधपका नॉनवेज बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। साल्मोनेला और ई-कोलाई जैसे खतरनाक बैक्टीरिया इस मौसम में मीट पर तेजी से पनपते हैं, जो फूड पॉइजनिंग, उल्टी, दस्त और टाइफाइड जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। साथ ही, त्वचा की एलर्जी से परेशान लोगों को भी इससे दूरी बनानी चाहिए।

दिल के मरीज और हाई ब्लड प्रेशर वाले भी बरतें सावधानी

मटन और हैवी चिकन ग्रेवी में सैचुरेटेड फैट और सोडियम की मात्रा काफी ज्यादा होती है। बारिश के दिनों में शारीरिक गतिविधियां या वॉक आदि कम हो जाती हैं, जिससे यह फैट शरीर में आसानी से जमा होने लगता है। उच्च रक्तचाप (हाई बीपी) और दिल की बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए यह स्थिति खतरनाक हो सकती है। अगर आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ा हुआ है, तो इस मौसम में तैलीय और मसालेदार मांसाहारी भोजन से पूरी तरह तौबा कर लेना ही आपकी सेहत के लिए सबसे सुरक्षित फैसला होगा।

Latest Posts