पसीना आने के बाद परफ्यूम लगाना पड़ सकता है भारी: जानिए परफ्यूम और खुशबू से जुड़ी 5 आम गलतियां, जो बिगाड़ देती हैं आपका इंप्रेशन

पसीना आने के बाद परफ्यूम लगाना पड़ सकता है भारी: जानिए परफ्यूम और खुशबू से जुड़ी 5 आम गलतियां, जो बिगाड़ देती हैं आपका इंप्रेशन

दिनभर तरोताजा और महकता हुआ दिखना हर किसी के व्यक्तित्व (Personality) का एक अहम हिस्सा होता है। एक बेहतरीन खुशबू न केवल आपके आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देती है, बल्कि आपके आसपास के लोगों पर भी सकारात्मक प्रभाव छोड़ती है। यही वजह है कि लोग महंगे से महंगे परफ्यूम, डियोड्रेंट और बॉडी मिस्ट पर हजारों रुपये खर्च करते हैं। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि काफी महंगा परफ्यूम लगाने के बावजूद कुछ ही घंटों में उसकी खुशबू गायब हो जाती है या फिर वह अजीब सी दुर्गंध में बदल जाती है। इसका सबसे बड़ा कारण परफ्यूम की गुणवत्ता नहीं, बल्कि उसे लगाने के दौरान की जाने वाली बुनियादी गलतियां हैं। सबसे आम और गलत आदत है पसीना आने के बाद बदबू छिपाने के लिए सीधे परफ्यूम छिड़क लेना।

पसीना आने के बाद परफ्यूम लगाना: बदबू छिपाने के बजाय और बढ़ा देती है यह गलती

अक्सर लोग जिम के बाद, धूप से सफर करके आने पर या कार्यालय में पसीना महसूस होने पर तुरंत परफ्यूम की शीशी निकालकर स्प्रे करने लगते हैं। यह परफ्यूम के इस्तेमाल से जुड़ी सबसे बड़ी और भयानक भूल है। पसीने में अपनी कोई विशेष दुर्गंध नहीं होती, लेकिन जब पसीना त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया के संपर्क में आता है, तो वह बदबू पैदा करता है।

जब आप पसीने से भीगी त्वचा पर एल्कोहल और केमिकलयुक्त परफ्यूम छिड़कते हैं, तो परफ्यूम के सुगंधित तत्व और बैक्टीरिया युक्त पसीना आपस में मिल जाते हैं। इससे एक बेहद अजीब और तीखी दुर्गंध पैदा होती है, जो आसपास खड़े लोगों के लिए असहनीय हो जाती है। इसके अलावा, पसीने वाले रोमछिद्रों (Sweat Pores) पर सीधे परफ्यूम स्प्रे करने से त्वचा में जलन, खुजली और एलर्जी का खतरा भी बढ़ जाता है। सही तरीका यह है कि पसीना आने पर पहले त्वचा को वेट वाइप्स या साफ गीले तौलिए से पोंछकर सुखाएं, उसके बाद ही हल्की खुशबू का इस्तेमाल करें।

परफ्यूम छिड़कने के बाद कलाइयों को आपस में रगड़ना

ज्यादातर लोगों की यह आदत होती है कि वे कलाई पर परफ्यूम स्प्रे करते ही दोनों हाथों की कलाइयों को आपस में तेजी से रगड़ने लगते हैं। ऐसा करने से परफ्यूम ज्यादा देर तक टिकने के बजाय और जल्दी खत्म हो जाता है। परफ्यूम तीन चरणों—टॉप नोट्स, हार्ट नोट्स और बेस नोट्स—से मिलकर बनता है।

जब आप कलाइयों को रगड़ते हैं, तो घर्षण (Friction) की वजह से गर्मी पैदा होती है। यह गर्मी परफ्यूम के सूक्ष्म मॉलिक्यूल्स और टॉप नोट्स को तोड़ देती है, जिससे खुशबू का असली संतुलन बिगड़ जाता है और वह समय से पहले हवा में उड़ जाती है। परफ्यूम को हमेशा कलाई पर हल्के से स्प्रे करें और उसे हवा में अपने आप प्राकृतिक रूप से सूखने दें।

रूखी त्वचा पर सीधे स्प्रे करना और पल्स पॉइंट्स को नजरअंदाज करना

खुशबू को लंबे समय तक टिकाए रखने के लिए त्वचा की नमी (Hydration) सबसे अहम भूमिका निभाती है। रूखी (Dry) त्वचा परफ्यूम के तेल को बहुत तेजी से सोख लेती है, जिससे खुशबू एक-दो घंटे में ही गायब हो जाती है। इसके विपरीत, मॉइस्चराइज्ड त्वचा पर परफ्यूम की पकड़ बेहद मजबूत होती है।

परफ्यूम लगाने का सबसे सही समय नहाने के तुरंत बाद होता है, जब स्किन पोर्स खुले होते हैं। नहाने के बाद बिना खुशबू वाला मॉइस्चराइजर या वैसलीन (Petroleum Jelly) अपने पल्स पॉइंट्स पर लगाएं और फिर परफ्यूम स्प्रे करें। पल्स पॉइंट्स यानी वे हिस्से जहां रक्त धमनियां त्वचा के सबसे करीब होती हैं और गर्मी पैदा करती हैं—जैसे कलाई, गर्दन के दोनों किनारे, कानों के पीछे, कोहनी के अंदरूनी मोड़ और कॉलरबोन। इन जगहों से निकलने वाली हल्की गर्मी खुशबू को धीरे-धीरे पूरे दिन हवा में फैलाती रहती है।

कपड़ों पर परफ्यूम छिड़कना और अत्यधिक ओवर-स्प्रे करना

कई लोगों का मानना होता है कि कपड़ों पर परफ्यूम लगाने से वह ज्यादा समय तक टिकता है। हालांकि कुछ फैब्रिक्स पर खुशबू रह सकती है, लेकिन परफ्यूम में मौजूद इसेंशियल ऑइल्स और एल्कोहल सफेद या हल्के रंग के सूती, सिल्क और लिनेन के कपड़ों पर जिद्दी दाग और पीले धब्बे छोड़ सकते हैं। परफ्यूम को मुख्य रूप से शरीर की गर्मी के साथ रिएक्ट करने के लिए बनाया जाता है, कपड़ों के लिए नहीं।

इसके साथ ही, जरूरत से ज्यादा स्प्रे करना भी बड़ी गलती है। खुद को महकाने के चक्कर में 8 से 10 बार स्प्रे करने से खुशबू इतनी तेज हो जाती है कि वह सिरदर्द और छींकों का कारण बन सकती है। एक अच्छे Eau de Parfum (EDP) के 3 से 4 संतुलित स्प्रे ही पूरे दिन के लिए पर्याप्त होते हैं।

परफ्यूम को बाथरूम या धूप वाली अलमारी में स्टोर करना

परफ्यूम को लंबे समय तक ताजा बनाए रखने के लिए उसका सही भंडारण (Storage) उतना ही जरूरी है जितना उसे सही तरीके से लगाना। अधिकांश लोग परफ्यूम की शीशी को बाथरूम के शेल्फ पर या खिड़की के पास ड्रेसिंग टेबल पर रख देते हैं। बाथरूम की लगातार नमी, बार-बार बदलने वाला तापमान और खिड़की से आने वाली सीधी धूप (UV Rays) परफ्यूम के रासायनिक फॉर्मूले को खराब कर देती है।

धूप और गर्मी के संपर्क में आने से कुछ ही हफ्तों में परफ्यूम का रंग बदल जाता है और उसकी खुशबू खट्टी या फीकी पड़ जाती है। परफ्यूम को हमेशा ठंडी, सूखी और अंधेरी जगह पर रखना चाहिए, जैसे बेडरूम की अलमारी या उसके मूल बॉक्स (Box) के भीतर। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप अपनी पसंदीदा खुशबू का पूरा असर पा सकते हैं।