Hazaribagh Murder Case: विष्णुगढ़ हत्याकांड में DGP पर भड़कीं अंबा प्रसाद, लगाया जांच की दिशा बदलने का आरोप
News India Live, Digital Desk: झारखंड के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुंभा गांव में 12 साल की मासूम बच्ची की बेरहमी से हत्या के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने इस मामले में पुलिस की कार्यशैली और राज्य की डीजीपी (DGP) पर तीखा हमला बोला है। अंबा प्रसाद ने सोशल मीडिया के माध्यम से जारी अपने बयान में पुलिस द्वारा पेश की गई जांच रिपोर्ट को पूरी तरह से 'भ्रामक' और 'कच्ची कहानी' करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि असली गुनहगारों को बचाने के लिए जांच की दिशा मोड़ी जा रही है।
डीजीपी को पद छोड़ने की सलाह, उठाए गंभीर सवाल
अंबा प्रसाद ने अपने बयान में सीधे तौर पर डीजीपी को निशाने पर लेते हुए कहा कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया के सवालों का सामना करने से बच रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विष्णुगढ़ की मासूम को न्याय दिलाने में पुलिस प्रशासन पूरी तरह विफल रहा है। अंबा ने सवाल उठाया कि क्या किसी बड़े राजनीतिक दबाव में आकर पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड को 'बलि अनुष्ठान' का रूप दे दिया है? उन्होंने डीजीपी को अक्षम बताते हुए उन्हें पद छोड़ने तक की सलाह दे डाली और चुनौती दी कि वे जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस के दावों की पोल खोलेंगी।
JMM और कांग्रेस का हमला: भाजपा पर लगाया संलिप्तता का आरोप
इस हत्याकांड के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भी रांची और हजारीबाग में बड़े पैमाने पर रैली निकाली। जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडे और कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक का सीधा संबंध भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से है। सत्ताधारी गठबंधन का आरोप है कि पुलिसिया खुलासे में भाजपा नेता की संलिप्तता की बात सामने आने के बाद अब मामले को दबाने की कोशिश हो रही है। हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे सरकार की अपनी विफलता छिपाने और पार्टी को बदनाम करने की साजिश बताया है।
क्या है पुलिस का दावा? 'बलि' के आरोप में मां गिरफ्तार
हजारीबाग पुलिस ने इस मामले में सनसनीखेज खुलासा करते हुए मृत बच्ची की मां को ही मुख्य आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, बच्ची की हत्या एक 'बलि अनुष्ठान' के तहत गला घोंटकर की गई थी। इस मामले में पुलिस ने मां के साथ एक कथित तांत्रिक शांति देवी और भीम राम नामक व्यक्ति को भी जेल भेजा है। पुलिस का कहना है कि उन्होंने पुख्ता सबूतों के आधार पर यह कार्रवाई की है, लेकिन अंबा प्रसाद और सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं के तीखे बयानों ने अब इस पूरी जांच को संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया है।