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April 10 2026 05:36 pm

Hazaribagh Horror : विष्णुगढ़ में मासूम से दरिंदगी के बाद हत्या, विरोध में सड़कों पर उतरा जनसैलाब

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News India Live, Digital Desk: झारखंड के हजारीबाग जिले में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक जघन्य वारदात सामने आई है। विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुम्बा गांव में एक 12 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद पत्थरों से कूचकर उसकी हत्या कर दी गई। इस वीभत्स कांड ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। घटना के विरोध में सोमवार को आहूत 'हजारीबाग बंद' का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। सुबह से ही विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

रामनवमी जुलूस देखने गई थी मासूम, झाड़ियों में मिला शव जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात गांव में रामनवमी के उपलक्ष्य में मंगला जुलूस निकाला गया था। 12 वर्षीय बच्ची भी यह जुलूस देखने गई थी, लेकिन वह वापस घर नहीं लौटी। परिजनों ने रात भर काफी खोजबीन की, पर उसका कहीं पता नहीं चला। बुधवार की सुबह घर से करीब 500 मीटर दूर बांस के झुरमुट के पास बच्ची का लहुलूहान शव मिला। शव की हालत देखकर ग्रामीणों के रोंगटे खड़े हो गए। दरिंदों ने न केवल मासूम के साथ बलात्कार किया, बल्कि उसकी पहचान छिपाने के लिए चेहरे को पत्थरों से बुरी तरह कुचल दिया था।

बंद के समर्थन में उमड़ी भीड़, फांसी की मांग पर अड़े लोग सोमवार को हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल और भाजपा कार्यकर्ताओं ने बंद के समर्थन में बैठक की और शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों की मांग है कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए और दोषियों को सरेआम फांसी की सजा दी जाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी काला बिल्ला लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। पूर्व विधायक अंबा प्रसाद समेत कई नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है।

सीबीआई जांच और एक करोड़ मुआवजे की उठी मांग ज्ञान महिला समिति और अन्य सामाजिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग की है। समिति के संस्थापक विनोद जायसवाल ने कहा कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। महिलाओं ने मांग की है कि पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और माता-पिता को सरकारी नौकरी दी जाए। घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस ने डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम के जरिए साक्ष्य जुटाए हैं और आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।