Hast Rekha : हथेली के ये 3 निशान बनाते हैं भाग्यशाली अगर आपके हाथ में भी है मछली या क्रॉस, तो बरसती है अपार कृपा
News India Live, Digital Desk: हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, हमारे हाथ की रेखाएं और उन पर बनने वाले विशेष चिन्ह हमारे भविष्य, स्वभाव और आर्थिक स्थिति का दर्पण होते हैं। कुछ निशान ऐसे होते हैं जो व्यक्ति को रंक से राजा बनाने की क्षमता रखते हैं। 'ज़ी न्यूज़' की रिपोर्ट के अनुसार, यदि आपकी हथेली में मछली (Fish), चतुष्कोण (Quadrilateral) या क्रॉस (Cross) का निशान है, तो इसका अर्थ बहुत गहरा है।
1. हथेली में 'मछली' का निशान (Fish Sign)
हस्तरेखा में मछली के चिन्ह को सबसे शुभ माना जाता है। इसे भगवान विष्णु के 'मत्स्य अवतार' से जोड़कर देखा जाता है।
धन की वर्षा: जीवन रेखा या भाग्य रेखा पर मछली का निशान होने का मतलब है कि व्यक्ति अपार धन-संपत्ति का मालिक बनेगा।
सफलता: ऐसे लोग विदेश यात्राएं करते हैं और समाज में खूब मान-सम्मान पाते हैं। यदि यह निशान केतु पर्वत (हथेली के नीचे का हिस्सा) पर हो, तो व्यक्ति धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से बहुत समृद्ध होता है।
2. 'चतुष्कोण' या वर्ग का निशान (Quadrilateral/Square Sign)
हथेली में वर्ग या चतुष्कोण का निशान एक 'सुरक्षा कवच' की तरह काम करता है।
संकटों से बचाव: यदि आपकी कोई मुख्य रेखा टूटी हुई है और वहां चतुष्कोण बना है, तो इसका अर्थ है कि वह बुरा समय टल जाएगा या कम नुकसान देगा।
स्थिरता: गुरु पर्वत (तर्जनी उंगली के नीचे) पर चतुष्कोण होने से व्यक्ति एक अच्छा शिक्षक, नेता या कुशल प्रशासक बनता है। इन्हें समाज में प्रतिष्ठा और स्थिरता मिलती है।
3. 'क्रॉस' का निशान (Cross Sign)
क्रॉस के निशान को लेकर अक्सर लोगों में डर रहता है, लेकिन इसकी जगह (Location) इसका महत्व बदल देती है:
गुरु पर्वत पर क्रॉस: अगर आपकी तर्जनी उंगली के नीचे (Jupiter Mount) क्रॉस है, तो यह अत्यंत शुभ है। यह एक सुखी वैवाहिक जीवन और उच्च शिक्षित जीवनसाथी मिलने का संकेत है।
रहस्यमयी क्रॉस (Mystic Cross): हृदय रेखा और मस्तिष्क रेखा के बीच में बना क्रॉस व्यक्ति को छठी इंद्री (Intuition) और गुप्त विद्याओं का ज्ञान देता है।
सावधानी: हालांकि, शनि या सूर्य पर्वत पर क्रॉस का होना संघर्ष या बदनामी का संकेत भी हो सकता है।
4. शुभ चिन्हों का लाभ कब मिलता है?
हस्तरेखा विशेषज्ञों का मानना है कि ये निशान तभी प्रभावी होते हैं जब वे स्पष्ट हों और किसी अन्य रेखा द्वारा कटे न हों। यदि निशान धुंधले हैं, तो उनका फल भी आंशिक ही मिलता है