Haryana RS Polls : हार के डर से कांग्रेस ने विधायकों को भेजा शिमला रिजॉर्ट में कैद हुए 32 माननीय
News India Live, Digital Desk : हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए होने वाली वोटिंग से पहले कांग्रेस आलाकमान ने अपने विधायकों को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के पास कुफरी (Kufri) स्थित एक लग्जरी रिजॉर्ट में शिफ्ट कर दिया है। पिछले राज्यसभा चुनावों (2022 और 2016) में क्रॉस-वोटिंग के कारण मिली करारी हार से सबक लेते हुए, पार्टी इस बार कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती।
क्यों डरी हुई है कांग्रेस? (Fear of Cross-Voting)
हरियाणा विधानसभा के समीकरणों के अनुसार, कांग्रेस के पास अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या बल है, लेकिन 'तीसरे खिलाड़ी' की एंट्री ने खेल बिगाड़ दिया है:
सतीश नांदल का खतरा: भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल की मौजूदगी ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। चर्चा है कि वे कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों के भरोसे मैदान में हैं।
पुराना 'स्याही कांड' और हार: 2016 में 'पेन की स्याही' बदलने से कांग्रेस के 14 वोट रद्द हुए थे, और 2022 में अजय माकन की हार भी क्रॉस-वोटिंग की वजह से हुई थी। पार्टी इस बार उस 'इतिहास' को दोहराने से बचना चाहती है।
ट्रेनिंग का बहाना: कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवार ने कहा कि वे "ट्रेनिंग सेशन" के लिए जा रहे हैं क्योंकि कई विधायक पहली बार चुनकर आए हैं और वे वोटिंग की तकनीकी बारीकियों को सीखना चाहते हैं।
रिजॉर्ट में 'माननीयों' का कड़ा पहरा
शुक्रवार शाम करीब 32 विधायक चंडीगढ़ से दो बसों में सवार होकर शिमला पहुंचे।
सुरक्षा के इंतजाम: विधायकों को कुफरी के 'एडवेंचर रिजॉर्ट' में ठहराया गया है, जहाँ हिमाचल पुलिस का कड़ा पहरा है और मीडिया या बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है।
ये दिग्गज भी हैं साथ: हरियाणा प्रभारी बीके हरिप्रसाद, प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और सांसद दीपेंद्र हुड्डा खुद विधायकों की निगरानी कर रहे हैं।
कौन-कौन नहीं गया? पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, विनेश फोगाट और चंद्रमोहन (तबीयत खराब होने के कारण) फिलहाल चंडीगढ़ में ही हैं।
क्या कहते हैं विधानसभा के आंकड़े?
हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा में एक सीट जीतने के लिए 31 प्रथम वरीयता (First Preference) वोटों की जरूरत है।
BJP (48 विधायक): इनका एक उम्मीदवार (संजय भाटिया) आसानी से जीत जाएगा।
Congress (37 विधायक): इनके पास अपने उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध के लिए पर्याप्त वोट हैं, बशर्ते कोई विधायक क्रॉस-वोटिंग न करे।
निर्दलीय और अन्य: सतीश नांदल को अपनी जीत के लिए कांग्रेस के कम से कम 6-7 वोटों में सेंध लगानी होगी।