पुलिस के रडार पर करनाल के दो संदिग्ध युवक, 150 एकड़ जमीन का इकलौता वारिस है सत्यम

पुलिस के रडार पर करनाल के दो संदिग्ध युवक, 150 एकड़ जमीन का इकलौता वारिस है सत्यम

उत्तर प्रदेश और हरियाणा के आपराधिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी, खौफनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। चर्चित अंकित बालियान हत्याकांड (Ankit Balyan Murder Case) की गुत्थी सुलझाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ की टीमें दिन-रात एक कर चुकी हैं। जैसे-जैसे इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री की परतें उधड़ रही हैं, वैसे-वैसे बेहद चौंकाने वाले खुलाسه सामने आ रहे हैं। ताजा पुलिसिया जांच के मुताबिक, इस पूरी साजिश के तार हरियाणा के करनाल जिले से जुड़ते नजर आ रहे हैं और पुलिस के रडार पर करनाल के ही दो संदिग्ध युवक आ चुके हैं। इस हत्याकांड के केंद्र में डेढ़ सौ एकड़ पुश्तैनी जमीन का एक बड़ा विवाद और करोड़ों की संपत्ति का लालच बताया जा रहा है, जिसका इकलौता वारिस सत्यम नाम का युवक है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे षड्यंत्र में शामिल संदिग्धों में से एक युवक 10वीं पास ड्रॉपआउट है, जिसने कम उम्र में ही जुर्म की दुनिया में कदम रख लिया था। इस सनसनीखेज हत्याकांड के हर एक गहरे राज और पुलिस की अब तक की कार्रवाई से जुड़ी हर एक खास जानकारी को आइए विस्तार से और गहराई के साथ समझते हैं।

क्या है अंकित बालियान हत्याकांड और क्यों करनाल के इन दो युवकों पर टिकी है पुलिस की निगाहें

अंकित बालियान हत्याकांड ने पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया से लेकर मुख्यधारा की मीडिया तक में तहलका मचा रखा है। हत्या के इस बेरहम तरीके और इसके पीछे की पृष्ठभूमि ने हर किसी को सन्न कर दिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई थी कि यह कोई सामान्य रंजिश का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बहुत बड़ी सोची-समझी साजिश रची गई थी। जब सर्विलांस डेटा, कॉल डिटेल्स और तकनीकी सर्विलांस (Technical Surveillance) की मदद ली गई, तो उत्तर प्रदेश पुलिस की सुइयां सीधे हरियाणा के करनाल जिले की तरफ घूम गईं। करनाल के रहने वाले दो संदिग्ध युवकों की भूमिका इस पूरे मर्डर केस में सबसे संदिग्ध पाई गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इन दोनों युवकों का अंकित बालियान के साथ सीधा संपर्क कैसे हुआ और इस खूनी वारदात को अंजाम देने के लिए इन्हें किसने सुपारी या मदद मुहैया कराई थी। स्थानीय पुलिस और उत्तर प्रदेश की स्पेशल टीमों ने करनाल के कई ठिकानों पर दबिश देना भी शुरू कर दिया है।

150 एकड़ जमीन के वारिस सत्यम और 10वीं ड्रॉपआउट संदिग्ध की क्रिमिनल कुंडली

इस पूरे हत्याकांड के पीछे की मुख्य वजह करोड़ों रुपये की संपत्ति और जमीन का विवाद बताया जा रहा है। जांच में जो सबसे बड़ा नाम उभरकर सामने आया है, वह सत्यम का है, जो करीब 150 एकड़ बेशकीमती जमीन का इकलौता वारिस बताया जा रहा है। इतनी बड़ी संपत्ति और जमीन के मालिकाना हक को लेकर चल रहे पारिवारिक या बाहरी विवादों के चलते यह खूनी खेल खेला गया। पुलिस यह खंगालने में जुटी है कि क्या सत्यम इस साजिश का मुख्य सूत्रधार है या फिर वह खुद किसी बड़े षड्यंत्र का शिकार या मोहरा बना है। इसके साथ ही, पुलिस के रडार पर आया दूसरा युवक जो 10वीं पास ड्रॉपआउट है, उसकी पृष्ठभूमि काफी संदिग्ध रही है। कम पढ़ाई-लिखाई के बाद वह अपराधी किस्म के लोगों के संपर्क में आ गया था और पैसे के लालच में इस तरह के जघन्य वारूदातों को अंजाम देने वाले गैंग का हिस्सा बन बैठा। पुलिस अब इन दोनों से आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करने की तैयारी में है ताकि यह साफ हो सके कि इस हत्याकांड की असली पटकथा कहां और किसने लिखी थी।

उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन और जल्द हो सकता है बड़ा खुलासा

इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस के उच्च अधिकारियों ने हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर एक ज्वाइंट ऑपरेशन शुरू कर दिया है। सीमावर्ती इलाकों और संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस के हाथ कुछ अहम सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल सबूत भी लगे हैं, जो इस हत्याकांड की गुत्थी को पूरी तरह से सुलझाने में मददगार साबित होंगे। जिस तरह से एक के बाद एक कड़ियां जुड़ रही हैं, उससे यह साफ हो गया है कि आने वाले कुछ ही दिनों में पुलिस इस केस से पर्दा उठाते हुए सभी मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज देगी। इलाके के लोगों और पीड़ित परिवार में इस घटना के बाद से भारी रोष व्याप्त है और वे सभी आरोपियों के लिए जल्द से जल्द फांसी जैसी सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि कानून के हाथ बहुत लंबे हैं और इस साजिश में शामिल किसी भी ताकतवर शख्स को बख्शा नहीं जाएगा।