लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो सबसे बड़े शूटर एनकाउंटर में ढेर, जानें कौन थे प्रवेश और हिमांशु जिनका पुलिस ने किया काम तमाम
राजधानी दिल्ली और एनसीआर (Delhi-NCR) के इलाकों में आतंक का पर्याय बन चुके लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा गैंग को सुरक्षा एजेंसियों ने अब तक का सबसे बड़ा झटका दिया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (Delhi Police Special Cell) ने एक बेहद खुफिया और सटीक ऑपरेशन के तहत लॉरेंस बिश्नोई के सबसे भरोसेमंद और खूंखार शूटरों—प्रवेश और हिमांशु को एक भीषण एनकाउंटर में मार गिराया है। इन दोनों शार्पशूटरों की मौत के बाद अंडरवर्ल्ड और लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, ये दोनों अपराधी पिछले कई महीनों से राजधानी में बड़ी रंगदारी और टारगेट किलिंग की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
मयूर विहार में घेराबंदी और दोनों तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग
क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल को गुप्त सूचना मिली थी कि बिश्नोई गैंग के ये दो सक्रिय गुर्गे पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार (Mayur Vihar Eastern Delhi) इलाके के पास किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में आने वाले हैं। पुलिस की टीम ने जाल बिछाकर जब एक संदिग्ध बाइक को रुकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने खुद को घिरा देख पुलिस कर्मियों पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों शूटर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौके से अत्याधुनिक हथियार और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं।
कौन थे प्रवेश और हिमांशु और दिल्ली-एनसीआर में कैसे फैलाया था खौफ
पुलिस की डोजियर के अनुसार, प्रवेश और हिमांशु महज शूटर नहीं थे, बल्कि वे लॉरेंस बिश्नोई गैंग के राइट हैंड कहे जाने वाले गोल्डी बराड़ और हाशिम बाबा के सीधे संपर्क में थे। हाल ही में दिल्ली के एक बड़े कारोबारी के शोरूम पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग और रंगदारी के मामले में भी इन्हीं दोनों का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया था। प्रवेश मुख्य रूप से हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों से गैंग के लिए लड़कों की भर्ती करता था, जबकि हिमांशु दिल्ली के लोकल इनपुट जुटाकर हत्या की वारदातों को अंजाम देने में माहिर था। इनके खात्मे से दिल्ली, नोएडा, और गाजीपुर के व्यापारियों ने बड़ी राहत की सांस ली है।