फॉर्च्यूनर में ड्रिंक एंड ड्राइव का 'नशा' कोर्ट ने ऐसे उतारा! चंडीगढ़ में रईसजादों को मिली अनोखी सजा
चंडीगढ़ की सड़कों पर महंगी गाड़ियां दौड़ाने और शराब के नशे में कानून की धज्जियां उड़ाने वाले हुड़दंगियों के लिए कोर्ट ने एक ऐसी नजीर पेश की है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। अक्सर ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में लोग जुर्माना भरकर या कुछ समय की जेल काटकर छूट जाते हैं, लेकिन इस बार माननीय अदालत ने इन युवकों के अहंकार और रईसी के नशे को बिल्कुल अलग अंदाज में काफूर कर दिया है। शराब पीकर फॉर्च्यूनर गाड़ी से हुड़दंग मचाने वाले युवकों को कोर्ट ने एक बेहद अनोखी और सुधारात्मक सजा सुनाई है।
रंगे हाथों पकड़े गए थे फॉर्च्यूनर सवार युवक
दरअसल, यह पूरा मामला चंडीगढ़ के एक वीआईपी इलाके का है, जहां पुलिस नाकेबंदी के दौरान एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार को रोका गया। गाड़ी के अंदर मौजूद युवक अत्यधिक शराब के नशे में धुत थे और सड़क पर मौजूद अन्य राहगीरों के लिए बड़ा खतरा बने हुए थे। चंडीगढ़ पुलिस ने बिना किसी दबाव के तुरंत एक्शन लेते हुए युवकों का चालान काटा, गाड़ी को जब्त किया और मामला सीधे कोर्ट के सामने पेश कर दिया।
जेल नहीं... अब 4 दिन तक बीच चौराहे पर करना होगा यह काम
आमतौर पर ऐसे मामलों में सिर्फ आर्थिक दंड देकर छोड़ दिया जाता है, लेकिन कोर्ट ने इस बार समाज में एक कड़ा संदेश देने का फैसला किया। अदालत ने युवकों पर भारी-भरकम आर्थिक जुर्माना तो ठोका ही, साथ ही उन्हें आदेश दिया कि वे लगातार 4 दिनों तक चंडीगढ़ के सबसे व्यस्त और मुख्य चौराहों पर खड़े होंगे। वहां वे कोई आम सजा नहीं काटेंगे, बल्कि तख्तियां और बैनर हाथ में लेकर आम जनता को 'ड्रिंक एंड ड्राइव' के खतरों और ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करेंगे।
सोशल मीडिया पर फैसले की तारीफ, बनेगा एक बड़ा उदाहरण
कोर्ट के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य इन रईसजादों को उनकी गलती का अहसास कराना और समाज के सामने यह उदाहरण रखना है कि कानून सबके लिए बराबर है। इस तरह की 'कम्युनिटी सर्विस' (सामुदायिक सेवा) वाली सजा से युवाओं के मन में कानून के प्रति डर और सम्मान दोनों बढ़ेगा। चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों का भी मानना है कि इस अनोखे फैसले से शहर में ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में भारी कमी देखने को मिलेगी।