ऐन वक्त पर राहुल गांधी का पटना दौरा रद्द! कांग्रेस ने बताई यह वजह, लेकिन राजनीतिक गलियारों में शुरू हुआ कयासों का दौर
बिहार की सियासत और आगामी राजनीतिक समीकरणों को लेकर इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर राजधानी पटना से सामने आ रही है। कांग्रेस के फायरब्रांड नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का बहुप्रतीक्षित पटना दौरा अचानक रद्द (स्थगित) कर दिया गया है। राहुल गांधी पटना के मुसल्लहपुर हाट में युवाओं और छात्रों से सीधा संवाद करने के लिए एक बड़ी पदयात्रा और 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की शुरुआत करने वाले थे। ऐन वक्त पर इस हाई-प्रोफाइल दौरे के टलने से बिहार कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में निराशा है, तो वहीं दूसरी तरफ सियासी गलियारों में कयासों और अंदरखाने की चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म हो गया है।
कांग्रेस ने दी आधिकारिक सफाई, तारीखों में बदलाव की कही बात
दौरा टलने की खबर जैसे ही सोशल मीडिया और मीडिया चैनलों पर सुर्खियां बनी, कांग्रेस आलाकमान और प्रदेश नेतृत्व तुरंत एक्टिव मोड में आ गया। पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अपरिहार्य कारणों और संगठनात्मक व्यस्तताओं के चलते इस कार्यक्रम की तारीखों में आंशिक बदलाव किया गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी अब नई तारीख (संभावित 15 जुलाई) को पटना आएंगे और छात्रों के साथ उनका संवाद कार्यक्रम पहले से भी अधिक भव्य तरीके से आयोजित किया जाएगा। पार्टी ने साफ किया है कि इसे दौरा रद्द होना नहीं, बल्कि तारीख आगे बढ़ना माना जाए।
अंदरखाने की चर्चा कुछ और, क्या सीट शेयरिंग और अंदरूनी कलह बनी वजह?
भले ही पार्टी इसे केवल तारीखों का फेरबदल बता रही हो, लेकिन राजनीति के जानकारों और अंदरूनी सूत्रों का दावा कुछ और ही है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस दौरे के टलने के पीछे इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) के भीतर सीटों के तालमेल को लेकर चल रही खींचतान और बिहार कांग्रेस की हालिया अंदरूनी गुटबाजी एक मुख्य कारण हो सकती है। हाल ही में प्रदेश कांग्रेस की बैठकों में नेताओं के बीच आपसी तनातनी और टिकटों के बंटवारे को लेकर गंभीर आरोप-प्रत्यारोप सामने आए थे। माना जा रहा है कि पार्टी आलाकमान पहले राज्य इकाई के इन आपसी मतभेदों को सुलझाना चाहता है, ताकि राहुल गांधी के दौरे के वक्त एकजुटता का संदेश दिया जा सके।
'छात्रों की गूंज' और पेपर लीक मामले पर सरकार को घेरने की थी तैयारी
आपको बता दें कि राहुल गांधी का यह बिहार दौरा राज्य के युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को साधने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। देश में नीट (NEET) पेपर लीक और अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधलियों को लेकर राहुल गांधी पटना के मुसल्लहपुर हाट जैसे बड़े कोचिंग हब में जाकर छात्रों से सीधा संवाद करने वाले थे। इस रणनीति के जरिए कांग्रेस देश और प्रदेश की सरकार को युवाओं के रोजगार और परीक्षा प्रणाली के मुद्दे पर चौतरफा घेरने की तैयारी में थी। अब देखना यह होगा कि नई तारीखों के ऐलान के बाद बिहार में कांग्रेस इस फ्लैगशिप कार्यक्रम को किस तरह जमीन पर उतारती है।