हरियाणा के पंचकूला और यमुनानगर में मौसम का मिजाज बदला

हरियाणा के पंचकूला और यमुनानगर में मौसम का मिजाज बदला

उत्तर भारत के मौसम में एक बार फिर बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों की चिंताएं भी अचानक बढ़ गई हैं। हरियाणा के कई जिलों में आज अचानक आसमान काले बादलों से घिर गया और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। राज्य के पंचकूला और आसपास के पहाड़ी व मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) भी दर्ज की गई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है। वहीं दूसरी ओर, कृषि प्रधान जिले यमुनानगर समेत कई अन्य इलाकों में अचानक हुई इस बेमौसम बरसात ने मंडियों में खुले आसमान के नीचे खुले में पड़े धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। धान की कटाई और खरीद के इस महत्वपूर्ण सीजन में अचानक हुई इस बारिश के कारण किसानों के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खींच दी हैं। मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के कम से कम 9 प्रमुख जिलों में बारिश और आंधी-तूफान का 'येलो अलर्ट' जारी कर दिया है, जिससे प्रशासन और किसान दोनों पूरी तरह सतर्क हो गए हैं।

पंचकूला में ओलावृष्टि से बढ़ी ठंडक, यमुनानगर की मंडियों में धान भीगने से मचा हाहाकार

हरियाणा के पंचकूला में सुबह से ही छाए घने बादलों के बीच अचानक मौसम ने करवट बदली और देखते ही देखते गरज-चमक के साथ ओले गिरने शुरू हो गए। ओलावृष्टि के कारण सड़क पर सफेद चादर जैसी स्थिति बन गई और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। इसके विपरीत, कृषि गतिविधियों के लिए जाने जाने वाले यमुनानगर जिले में धान खरीद केंद्रों और मंडियों का हाल बेहाल हो गया है। इन दिनों मंडियों में किसानों की फसल बिकने के लिए लाई गई है, लेकिन पर्याप्त शेड या तिरपाल की व्यवस्था न होने के कारण खुले में रखा हुआ धान पानी में पूरी तरह भीग गया है। किसान अपनी भीगी हुई फसल को बचाने के लिए तिरपाल और बोरियों से ढकने की जद्दोजहद करते नजर आए, लेकिन अचानक हुई इस तेज बारिश ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। किसानों का कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा समय पर उठान (Lifting) नहीं कराया गया, तो नमी बढ़ने के कारण उनकी फसल के सड़ने का खतरा और अधिक बढ़ जाएगा।

मौसम विभाग का 9 जिलों में येलो अलर्ट, पश्चिमी विक्षोभ का असर

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय हुए एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के कारण हरियाणा के वायुमंडल में नमी की मात्रा काफी बढ़ गई है। इसी के चलते पंचकूला, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, रोहतक, पानीपत और सोनीपत समेत कुल 9 जिलों में अगले कुछ घंटों के दौरान भारी बारिश, तेज हवाएं चलने और वज्रपात (Thunderstorm) की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने इन इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों और खासकर किसानों को खुले खेतों में न जाने तथा पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी है। बेमौसम हुई इस बारिश ने न केवल धान की कटाई के काम को रोक दिया है, बल्कि खेतों में खड़ी पकी हुई फसलों को भी नुकसान पहुंचाने की आशंका पैदा कर दी है, जिससे अन्नदाता की नींद उड़ गई है।

किसानों के लिए प्रशासन की हिदायतें और आगे का पूर्वानुमान

इस अचानक बदले मौसम और भारी बारिश की चेतावनी के बाद हरियाणा सरकार और संबंधित जिला प्रशासन ने मंडियों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। कृषि विभागों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि मंडियों में पड़े अनाज को तुरंत तिरपाल से ढका जाए और जलभराव वाले स्थानों से पानी की निकासी की तुरंत व्यवस्था की जाए। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान यह पश्चिमी विक्षोभ धीरे-धीरे आगे निकल जाएगा, जिसके बाद आसमान साफ होने की उम्मीद है, लेकिन तब तक किसानों को भारी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। प्रकृति के इस अचानक बदले मिजाज ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि किस तरह खेती-किसानी आज भी मौसम की अनिश्चितताओं पर निर्भर करती है, और इस आपदा से निपटने के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे की कितनी सख्त जरूरत है।