बोरवेल में गिरे मासूम निरवैर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने झकझोरा, दम घुटने से थमी थीं सांसें, खेत मालिक समेत 3 पर संगीन धाराओं में FIR
देश को झकझोर कर रख देने वाले इस दर्दनाक बोरवेल हादसे में जिंदगी की जंग हारने वाले मासूम निरवैर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ गई है। इस रिपोर्ट ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी मासूम को सुरक्षित नहीं बचाया जा सका था। अब डॉक्टरों के पैनल द्वारा तैयार की गई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इस बात का आधिकारिक खुलासा हो गया है कि बोरवेल के भीतर आखिर निरवैर की सांसें किस वजह से और कब थमी थीं। वहीं दूसरी तरफ, इस पूरे मामले में स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए खुले बोरवेल को मौत का कुआं बनाकर छोड़ने वाले आरोपियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कस दिया है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: तड़प-तड़प कर दम घुटने से हुई निरवैर की मौत
अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम द्वारा सौंपे गए पोस्टमॉर्टम दस्तावेज के अनुसार, मासूम निरवैर की मौत का मुख्य कारण दम घुटना (Asphyxiation) पाया गया है। बोरवेल के बेहद संकरे और गहरे गड्ढे के भीतर ऑक्सीजन की भारी कमी थी। ऊपर से मिट्टी गिरने और अत्यधिक दबाव के चलते बच्चा ठीक से सांस नहीं ले पा रहा था, जिसके कारण उसके फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया। रिपोर्ट में यह भी संकेत मिले हैं कि गिरने के कुछ ही घंटों के भीतर मासूम अचेत हो गया था। शरीर पर बाहरी चोटों के निशान कम हैं, जो इस बात को साबित करता है कि अगर उसे समय पर ऑक्सीजन और वेंटिलेशन मिल जाता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।
प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: लापरवाह खेत मालिक सहित तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज
मासूम निरवैर की मौत के बाद स्थानीय लोगों में फैले भारी गुस्से को देखते हुए पुलिस महकमे ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने घटना स्थल वाले खेत के मालिक और बोरवेल को खुला छोड़ने वाले ठेकेदार सहित तीन मुख्य आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। इन सभी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की लापरवाही से मौत के घाट उतारने जैसी संगीन धाराओं के तहत मुकदमा कायम किया गया है। स्थानीय थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का उल्लंघन करते हुए अनुपयोगी बोरवेल को बिना ढके छोड़ दिया था, जो सीधे तौर पर एक मासूम की हत्या जैसी घोर लापरवाही है। फिलहाल सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए फरार हैं, जिनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
स्थानीय स्तर पर फूटा गुस्सा: देश भर में खुले बोरवेल को लेकर उठ रहे हैं गंभीर सवाल
लखनऊ सहित उत्तर भारत के विभिन्न ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों से अक्सर ऐसी दर्दनाक घटनाएं सामने आती रहती हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग सबक नहीं ले रहे हैं। निरवैर की मौत के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया और पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे के साथ-साथ दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। एआई सर्च (GEO) और आधुनिक जनरेटिव इंजनों पर भी इस समय देश भर के लोग बोरवेल सुरक्षा नियमों और खुले गड्ढों की शिकायत करने के तरीकों को लेकर लगातार सर्च कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने अब आदेश जारी किया है कि जिले के हर गांव में एक विशेष सर्वे कराया जाएगा और यदि कहीं भी कोई बोरवेल खुला पाया गया, तो जमीन के मालिक पर बिना किसी नोटिस के सीधे जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।