चंडीगढ़ में सांसद अमृतपाल की रिहाई पर हाहाकार: बैरिकेड्स तोड़ शहर में घुसे प्रदर्शनकारी, लगा भारी जाम
पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में खड़ूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की रिहाई की मांग को लेकर माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और पंजाब से आए हजारों प्रदर्शनकारियों ने चंडीगढ़ की सीमाओं पर जमकर हंगामा किया। सुरक्षा के लिए लगाए गए भारी-भरकम पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ते हुए प्रदर्शनकारी जबरन शहर की सीमा के भीतर दाखिल हो गए हैं। इस अचानक हुए घटनाक्रम के बाद पूरे ट्राईसिटी (Chandigarh, Mohali, Panchkula) इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर डाल दिया गया है।
मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर पुलिस के साथ तीखी झड़प और भारी हंगामा
दरअसल, अमृतपाल सिंह की रिहाई के समर्थन में विभिन्न सिख संगठनों और समर्थकों ने पहले से ही मार्च का ऐलान किया था। एहतियात के तौर पर चंडीगढ़ पुलिस और पंजाब पुलिस ने मोहाली से सटे तमाम एंट्री पॉइंट्स पर तीन लेयर की बैरिकेडिंग की थी। वॉटर कैनन और दंगा नियंत्रण वाहनों को भी तैनात किया गया था। लेकिन जैसे ही प्रदर्शनकारियों का हुजूम बॉर्डर पर पहुंचा, स्थिति बेकाबू हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के सुरक्षा घेरे को दरकिनार कर दिया और बैरिकेड्स को उखाड़ फेंका, जिसके चलते पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प भी देखने को मिली।
शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर लगा किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम
इस भारी विरोध प्रदर्शन और मार्च के कारण चंडीगढ़ के प्रमुख सेक्टर्स और बाहरी रास्तों पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। विकास मार्ग, ट्रिब्यून चौक और मोहाली को जोड़ने वाली मुख्य सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई हैं। ऑफिस जाने वाले लोगों, स्कूली बसों और एंबुलेंस को भी इस जाम से जूझना पड़ रहा है। चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर आम जनता को प्रदर्शन वाले रास्तों से बचने और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। पुलिस के आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और रूट डायवर्ट करने की कोशिश की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर, सचिवालय और विधानसभा के पास पहरा सख्त
सांसद अमृतपाल सिंह इस वक्त असम की डिब्रूगढ़ जेल में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत बंद हैं, और उनकी रिहाई को लेकर लंबे समय से समर्थक दबाव बना रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के चंडीगढ़ में प्रवेश करने के बाद पंजाब और हरियाणा सचिवालय, मुख्यमंत्री आवास और पंजाब विधानसभा जैसे अति-संवेदनशील इलाकों (High-Security Zones) के बाहर अर्धसैनिक बलों और कमांडो की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं। प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है कि स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित किया जा सके और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टाला जा सके।