बरनाला लाठीचार्ज के विरोध में उबल रहा पंजाब: कर्मचारियों ने निकाला उग्र रोष मार्च, दोषी डीएसपी को बर्खास्त करने की उठी मांग

बरनाला लाठीचार्ज के विरोध में उबल रहा पंजाब: कर्मचारियों ने निकाला उग्र रोष मार्च, दोषी डीएसपी को बर्खास्त करने की उठी मांग

पंजाब के बरनाला में हाल ही में हुए पुलिस लाठीचार्ज की घटना के विरोध में आज पूरे राज्य का पारा चढ़ा हुआ है। इस दमनकारी कार्रवाई के खिलाफ विभिन्न कर्मचारी संगठनों, किसान यूनियनों और आम नागरिकों ने मिलकर 'पंजाब बंद' का आह्वान किया है, जिसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है। राज्यभर में सड़कों पर उतरे हजारों कर्मचारियों और प्रदर्शनकारियों ने जोरदार रोष मार्च निकाला और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज का आदेश देने वाले और जिम्मेदार डीएसपी (DSP) को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त किया जाए, अन्यथा आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।

क्या है बरनाला लाठीचार्ज का पूरा मामला और क्यों भड़का है गुस्सा

कुछ दिन पहले बरनाला में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने भारी बल प्रयोग किया था, जिसमें कई महिला प्रदर्शनकारियों, युवाओं और कर्मचारियों को गंभीर चोटें आई थीं। इस अमानवीय पुलिस कार्रवाई के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे पंजाब के लोगों में भारी गुस्सा फैल गया था। विभिन्न यूनियनों ने इसे लोकतंत्र की आवाज को दबाने की घिनौनी कोशिश करार दिया और सरकार को अल्टीमेटम दिया था कि जब तक दोषी पुलिस अधिकारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष थमेगा नहीं।

पंजाब बंद का व्यापक असर, सड़कों पर उतरे कर्मचारी और जनसैलाब

आज घोषित किए गए पंजाब बंद के दौरान राज्य के कई जिलों में बाजार आंशिक रूप से प्रभावित रहे और सरकारी कार्यालयों तथा परिवहन सेवाओं पर भी इसका असर साफ दिखाई दिया। कर्मचारियों ने अपने दफ्तरों से निकलकर सड़कों पर मार्च निकाला और हाथों में तख्तियां लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक पुलिसिया जुल्म के खिलाफ न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका यह शांतिपूर्ण लेकिन कड़ा विरोध जारी रहेगा। सुरक्षा के मद्देनजर संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे।

राजनीतिक सरगर्मी तेज, विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा

इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब की राजनीतिक फिजा को भी गरमा दिया है। विपक्षी दलों के नेताओं ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहे कर्मचारियों पर लाठीचार्ज करना सरकार की तानाशाही रवैया को दर्शाता है। राजनीतिक दलों ने भी प्रदर्शनकारियों की मांगों का समर्थन करते हुए दोषी डीएसपी को तुरंत निलंबित करने की मांग की है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस बढ़ते दबाव के बीच क्या बड़ा प्रशासनिक कदम उठाती है।

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