हरियाणा :अब हर सप्ताह पोर्टल पर अपलोड होगा फूड सेफ्टी जांच
त्योहारी सीजन आते ही बाजार में मिलावटखोरों का काला कारोबार तेजी से सक्रिय हो जाता है, जिसे रोकने के लिए हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने एक बेहद सख्त और ऐतिहासिक कदम उठाया है. आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्थान को अब बख्शा नहीं जाएगा. राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है कि अब खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) द्वारा की जाने वाली हर प्रकार की छापेमारी, खाद्य नमूनों की जांच (Food Samples Testing) और मिलावटखोरों के खिलाफ की गई कानूनी कार्रवाई का पूरा विस्तृत ब्योरा हर सप्ताह आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा. इस पारदर्शी व्यवस्था के लागू होने से न सिर्फ सरकारी कामकाज में जवाबदेही तय होगी, बल्कि प्रदेश की आम जनता को भी यह पता चल सकेगा कि उनके जिले और शहर में मिलावट के खिलाफ क्या कुछ एक्शन लिया जा रहा है.
Transparent Action Plan: पोर्टल पर साप्ताहिक रिपोर्ट अपलोड होने से बचेगी पारदर्शिता और बढ़ेगी निगरानी
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में की जाने वाली हर कार्रवाई की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट समय पर तैयार करें और उसे सरकार द्वारा निर्धारित किए गए विशेष पोर्टल पर सार्वजनिक करें. अक्सर यह शिकायतें मिलती थीं कि विभाग द्वारा सैंपल तो भर लिए जाते हैं, लेकिन कई हफ्तों या महीनों तक उनकी रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई का कुछ पता नहीं चलता. इस नई डिजिटल व्यवस्था के आने से मिलावट के मामलों में पारदर्शिता आएगी और मामलों के निपटारे में होने वाली देरी पर भी लगाम लगेगी. सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में बिकने वाला दूध, पनीर, खोवा, मिठाइयां, घी और अन्य खाद्य पदार्थ पूरी तरह से सुरक्षित हों और जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर त्वरित कानूनी शिकंजा कसा जा सके.
Mobile Food Testing Vans and Strict Penalties: मोबाइल वैन से हो रही है ऑन-स्पॉट जांच, भारी जुर्माने का प्रावधान
राज्य सरकार ने आम जनता की सुविधा के लिए पहले ही कई जिलों में मोबाइल फूड सेफ्टी वैन (Mobile Food Safety Vans) तैनात कर दी हैं, जिनकी मदद से मात्र कुछ ही मिनटों और बेहद कम शुल्क में लोग ऑन-स्पॉट अपने खाने-पीने की चीजों में मिलावट की जांच करवा सकते हैं. इसके अलावा हाल ही में स्वास्थ्य विभाग और मुख्यमंत्री उड़न दस्ते (CM Flying Squad) द्वारा राज्य के विभिन्न हिस्सों जैसे रोहतक, रेवाड़ी, हिसार और करनाल में लगातार ताबड़तोड़ छापे मारे जा रहे हैं. हाल ही के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में हजारों खाद्य मामलों में या तो भारी जुर्माना लगाया गया है या फिर अमानक पाए जाने पर क्विंटल के हिसाब से मिलावटी सामान और मिठाइयों को मौके पर ही नष्ट किया गया है. सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि त्योहारों के इस सीजन में जनता की सेहत से समझौता करने वालों के खिलाफ कोर्ट में सख्त मुकदमे दर्ज किए जाएंगे और उनके लाइसेंस भी रद्द किए जाएंगे.
Public Awareness and Citizen Participation: आम जनता से भी सरकार की अपील, जागरूक बनकर दें सूचना
प्रशासन का मानना है कि अकेले सरकारी तंत्र के भरोसे मिलावट के इस बड़े नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता, इसलिए इसमें आम नागरिकों का सहयोग भी उतना ही जरूरी है. सरकार और खाद्य सुरक्षा विभाग ने राज्य की जनता से अपील की है कि वे किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान से सामान खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, रंग, महक और एक्सपायरी डेट की जांच अवश्य करें. यदि किसी भी नागरिक को मिलावट या नकली सामान बेचे जाने की जरा भी शंका होती है, तो वे तुरंत इसकी शिकायत विभाग के हेल्पलाइन नंबर या पोर्टल पर दर्ज करा सकते हैं. सरकार की इस नई साप्ताहिक रिपोर्टिंग प्रणाली और कड़ी निगरानी के बाद से मिलावटखोरों में खौफ का माहौल साफ देखा जा सकता है, और आने वाले दिनों में यह अभियान प्रदेश के हर कोने में और अधिक सख्ती से चलाया जाएगा.