'हरियाणा के ग्रामीण चौकीदारों की दिवाली': सीएम नायब सैनी का बड़ा ऐलान
हरियाणा की सैनी सरकार ने दिवाली के पावन अवसर पर राज्य के ग्रामीण चौकीदारों को एक ऐतिहासिक और बड़ा प्रशासनिक तोहफा दिया है। पंचकूला में आयोजित एक राज्य स्तरीय सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के हजारों ग्रामीण चौकीदारों के कल्याण के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। सरकार ने न केवल चौकीदारों के मासिक मानदेय में बंपर इजाफा किया है, बल्कि उनके दैनिक कार्य निष्पादन, सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न वार्षिक भत्तों में भी अभूतपूर्व बढ़ोतरी कर दी है। विकास एवं पंचायत विभाग के तहत कार्यरत इन कर्मचारियों के कल्याण के लिए वित्त विभाग ने संशोधित दरों के प्रस्ताव पर औपचारिक सहमति की मुहर लगा दी है। इस घोषणा के बाद से प्रदेश भर के ग्रामीण चौकीदारों में भारी खुशी की लहर दौड़ गई है।
11,000 रुपये से बढ़कर 15,221 रुपये हुआ मासिक मानदेय, ईपीएफ और ईएसआई की नई सौगात
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा की गई घोषणाओं में सबसे प्रमुख मानदेय का संशोधन है। अब तक ग्रामीण चौकीदारों को प्रतिमाह 11,000 रुपये मानदेय मिल रहा था, जिसे बढ़ाकर अब 15,221 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। इसके अलावा, सरकार ने सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर चौकीदारों के ईपीएफ (EPF) अंशदान और जीएसटी सहायता को भी 1,430 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 1,950 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से, अब ग्रामीण जलकर्मियों और ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की तर्ज पर चौकीदारों को भी ईएसआई (ESI) की व्यापक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी, जिससे वे और उनका परिवार बेहतर स्वास्थ्य लाभ पा सकें।
वर्दी, लाठी, टॉर्च और साइकिल भत्ते में ऐतिहासिक बढ़ोतरी: जानें किस मद में कितना मिला लाभ
मानदेय के साथ-साथ राज्य सरकार ने ग्रामीण चौकीदारों को ड्यूटी के दौरान लगने वाली बुनियादी सामग्रियों के भत्तों में भी जोरदार इजाफा किया है। सरकार की नई नीति के तहत संशोधित लाभ की सूची इस प्रकार है:
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मासिक मानदेय: 11,000 रुपये से बढ़ाकर 15,221 रुपये किया गया।
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वार्षिक वर्दी भत्ता: 4,000 रुपये सालाना से बढ़ाकर 5,000 रुपये सालाना किया गया।
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लाठी, बैटरी (टॉर्च), सीटी व छाता भत्ता: 1,000 रुपये सालाना से बढ़ाकर 1,500 रुपये सालाना किया गया।
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साइकिल भत्ता: पहले 5 साल में 3,500 रुपये मिलते थे, जिसे अब घटाकर 3 साल की अवधि में 5,000 रुपये कर दिया गया है।
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ईपीएफ और जीएसटी कवर: 1,430 रुपये से बढ़ाकर 1,950 रुपये प्रतिमाह किया गया।
'ग्रामीण सुरक्षा की रीढ़ हैं चौकीदार': सीएम नायब सैनी ने जताया आभार
सम्मान समारोह में चौकीदारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ग्रामीण चौकीदार केवल गांव की सुरक्षा का जिम्मा नहीं संभालते, बल्कि वे स्थानीय प्रशासन और पुलिस के बीच सूचना और विश्वास की सबसे मजबूत कड़ी हैं। सीएम ने कहा कि हमारी सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए पारदर्शी और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। ग्रामीण इलाकों में शांति, सुरक्षा और प्रशासनिक तंत्र को चुस्त-दुरुस्त रखने वाले इन कर्मयोगियों की मांगें लंबे समय से लंबित थीं, जिन्हें सरकार ने पूर्ण प्राथमिकता के साथ हल किया है। वित्त विभाग से मंजूरी मिलने के बाद अब ये सभी संशोधित लाभ तुरंत प्रभाव से राज्य में लागू हो जाएंगे।