चंडीगढ़ में शराब पीकर फॉर्च्यूनर दौड़ाने वाले हुड़दंगियों को कोर्ट की अनूठी सजा: अब 4 दिन चौराहों पर करेंगे ट्रैफिक जागरूकता
देश के सबसे सुव्यवस्थित शहरों में शुमार चंडीगढ़ में ड्रिंक एंड ड्राइव (शराब पीकर गाड़ी चलाना) के एक मामले में स्थानीय अदालत ने बेहद ऐतिहासिक और नजीर पेश करने वाली सजा सुनाई है। महंगी फॉर्च्यूनर गाड़ी में शराब के नशे में धुत होकर हुड़दंग मचाने वाले युवकों को जेल भेजने के बजाय कोर्ट ने समाज सुधार से जुड़ी एक अनोखी सजा दी है, जो सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोर रही है।
फॉर्च्यूनर की रफ्तार और रईसजादों का नशा
चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने नाकेबंदी के दौरान एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार को रोका था। जांच करने पर गाड़ी चला रहे युवक और उसके दोस्त अत्यधिक शराब के नशे में पाए गए। पुलिस ने तत्काल गाड़ी को सीज करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में चालान काट दिया और मामला कोर्ट पहुंच गया। रईसजादों को लगा था कि वे भारी-भरकम जुर्माना भरकर आसानी से छूट जाएंगे, लेकिन कोर्ट के इरादे कुछ और ही थे।
कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: 'तख्ती लेकर सड़क पर खड़े हो जाओ'
मामले की सुनवाई करते हुए माननीय अदालत ने युवकों को सबक सिखाने और समाज में एक कड़ा संदेश देने के लिए नायाब तरीका निकाला। अदालत ने आदेश दिया कि दोषी युवक अगले 4 दिनों तक चंडीगढ़ के मुख्य और सबसे व्यस्त चौराहों पर सुबह-शाम खड़े होंगे। उनके हाथों में ट्रैफिक अवेयरनेस (यातायात जागरूकता) से जुड़ी तख्तियां होंगी, जिनके जरिए वे आम जनता को शराब पीकर गाड़ी न चलाने के लिए जागरूक करेंगे।
आर्थिक चोट भी जरूरी: कोर्ट ने ठोका तगड़ा जुर्माना
अदालत ने केवल शारीरिक और सामाजिक श्रम की ही सजा नहीं दी, बल्कि युवकों की जेब पर भी तगड़ी चोट की है। कोर्ट ने उन पर भारी आर्थिक जुर्माना भी लगाया है, जिसे तुरंत जमा करने का आदेश दिया गया है। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अभिनव फैसलों से कानून तोड़ने वाले रईसजादों के मन में डर बैठेगा और वे सड़कों पर दूसरों की जान जोखिम में डालने से पहले सौ बार सोचेंगे।