दिवाली पर लक्ष्मी बटोरने के चक्कर में हत्थे चढ़ा घूसखोर अफसर

दिवाली पर लक्ष्मी बटोरने के चक्कर में हत्थे चढ़ा घूसखोर अफसर

हरियाणा के भिवानी जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई की खबर सामने आई है। दिवाली के पावन पर्व पर 'लक्ष्मी' बटोरने और अवैध कमाई के चक्कर में एक घूसखोर सरकारी अधिकारी एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के हत्थे चढ़ गया है। भिवानी में तैनात खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी (AFSO) राजपाल सिंह को एंटी करप्शन ब्यूरो हिसार की टीम ने 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी यह मोटी रकम राशन डिपो के आवंटन (Ration Depot Allocation) को रद्द होने से बचाने और डिपो धारक से अवैध वसूली के एवज में मांग रहा था। त्यौहार के सीजन में हुई इस प्रशासनिक कार्रवाई से भिवानी जिले के प्रशासनिक और खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।

राशन डिपो बचाने के नाम पर मांगी थी 1 लाख रुपये की घूस, शिकायतकर्ता ने बिछाया जाल

पूरा मामला भिवानी जिले के देवसर गांव के पास बने एक डिपो से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार ने एसीबी को दी अपनी शिकायत में बताया कि भिवानी खाद्य एवं आपूर्ति कार्यालय में कार्यरत एएफएसओ राजपाल सिंह उसके डिपो के संबंध में अनुचित लाभ उठाने की फिराक में था। आरोपी अधिकारी डिपो में खामियां बताकर उसका लाइसेंस रद्द करने और भारी जुर्माना लगाने का डर दिखा रहा था। इस कार्रवाई को रोकने और डिपो सुचारू रूप से चलाने की एवज में एएफएसओ ने 1 लाख रुपये नकद रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, जिसके बाद उसने तुरंत एंटी करप्शन ब्यूरो हिसार की टीम से संपर्क किया और आरोपी अधिकारी को बेनकाब करने की योजना बनाई।

रेडिंग टीम ने रंगे हाथों पकड़ा, केमिकल लगे नोटों से बेनकाब हुआ घूसखोर अफसर

शिकायत के आधार पर एसीबी हिसार के इंस्पेक्टर संदीप कुमार के नेतृत्व में एक विशेष रेडिंग टीम का गठन किया गया, जिसमें ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को भी शामिल किया गया। योजना के मुताबिक शिकायतकर्ता 1 लाख रुपये की नकदी लेकर भिवानी स्थित खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के दफ्तर पहुंचा। जैसे ही आरोपी एएफएसओ राजपाल सिंह ने रिश्वत के 1 लाख रुपये स्वीकार किए, बाहर मुस्तैद एसीबी की टीम ने तुरंत दबिश देकर उसे रंगे हाथों दबोच लिया। जब एसीबी की टीम ने आरोपी अधिकारी के हाथ धुलवाए, तो पानी का रंग गुलाबी हो गया, जिससे घूस लेने की पुष्टि मौके पर ही हो गई।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज, एसीबी की आगे की जांच जारी

एंटी करप्शन ब्यूरो ने रिश्वत की पूरी रकम मौके से बरामद कर ली है और आरोपी एएफएसओ राजपाल सिंह को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध वसूली के खेल में विभाग के कौन-कौन से अन्य कर्मचारी या वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। दिवाली के त्योहार पर अधिकारियों द्वारा की जा रही इस तरह की रिश्वतखोरी पर एसीबी की सख्त कार्रवाई ने यह संदेश साफ दे दिया है कि हरियाणा में भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर कड़ाई से अमल किया जा रहा है।