रोहतक पहुंचे सीएम नायब सैनी, पीड़ित परिवारों के आंसू पोंछते हुए बोले- 'जानहानि की भरपाई नामुमकिन
हरियाणा के रोहतक में हुए दर्दनाक हादसे के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तुरंत एक्शन मोड में नजर आए। सीएम सैनी ने खुद रोहतक का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनका ढांढस बंधाया। अपनों को खोने के गम में डूबे परिवारों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने भर्राए गले से कहा कि किसी भी इंसान की जिंदगी बेशकीमती होती है और हादसे में हुई जानहानि की भरपाई दुनिया की कोई भी सरकार या दौलत नहीं कर सकती। संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार पूरी तरह से पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। सीएम ने मृतकों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
पीड़ितों के घर पहुंचे मुख्यमंत्री, हर संभव मदद का दिया भरोसा रोहतक पहुंचते ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सीधे प्रभावित क्षेत्र और पीड़ित परिवारों के निवास पर गए। वहां उन्होंने परिजनों को गले लगाकर सांत्वना दी और पूरी घटना की जानकारी ली। सीएम ने प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि घायलों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों को बेहतरीन से बेहतरीन चिकित्सा सुविधा मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को प्रभावित परिवारों के रहने और खाने-पीने की तत्काल व्यवस्था करने के भी आदेश जारी किए।
आर्थिक सहायता का ऐलान और अधिकारियों को सख्त निर्देश मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों की तात्कालिक वित्तीय स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (मुआवजा) देने की बड़ी घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने गंभीर रूप से घायलों के लिए भी विशेष आर्थिक पैकेज देने की बात कही है। सीएम सैनी ने रोहतक के उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) को इस पूरे हादसे की विस्तृत जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपने को कहा है ताकि यह साफ हो सके कि इतनी बड़ी लापरवाही या हादसा किस वजह से हुआ।
भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए बनेगी विशेष गाइडलाइन मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह घटना बेहद हृदयविदारक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए पूरे हरियाणा में सुरक्षा मानकों और फायर सेफ्टी नियमों की कड़ाई से समीक्षा की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों या इलाकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का पूरा ध्यान इस समय पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने और उनके पुनर्वास पर केंद्रित है।
रोहतक प्रशासन पूरी तरह अलर्ट, राहत कार्य युद्ध स्तर पर जारी मुख्यमंत्री के दौरे के बाद स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। रोहतक पीजीआई (PGI) सहित अन्य अस्पतालों में डॉक्टरों की विशेष टीमें घायलों की निगरानी कर रही हैं। सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी मुख्यमंत्री की इस त्वरित संवेदनशीलता की सराहना की है। सरकार ने साफ कर दिया है कि मुआवजे की राशि सीधे पीड़ितों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी ताकि उन्हें किसी भी दफ्तर के चक्कर न काटने पड़ें।