फरीदाबाद के एक घर में 10वीं के छात्र का संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव, सनसनी
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सटे हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक शहर फरीदाबाद में इन दिनों एक ऐसी खौफनाक और रहस्यमयी घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। शहर के एक स्थानीय इलाके में दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक किशोर छात्र का शव उसकी ही एक क्लासमेट प्रेमिका के घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ है। सुबह-सुबह जब इस बात की भनक मृतक छात्र के परिवार और आसपास के लोगों को लगी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई कि आखिर हंसता-खेलता नौनिहाल अचानक इस तरह मृत अवस्था में कैसे मिल सकता है। शुरुआती सूचना मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और हर कोई इस बात को लेकर हैरान था कि स्कूल जाने की उम्र में बच्चों के बीच पनपे रिश्तों का यह अंत इतना भयानक कैसे हो सकता है। स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया, लेकिन तब तक वहां का माहौल पूरी तरह से गर्मा चुका था और लोग न्याय की मांग को लेकर आक्रोशित हो उठे थे।
परिजनों ने लगाया सोची-समझी साजिश के तहत हत्या का गंभीर आरोप, पुलिस पर भड़का गुस्सा
घटना की सूचना मिलते ही मृतक छात्र के परिजन और रिश्तेदार मौके पर पहुंच गए और उन्होंने छात्रा के परिवार वालों पर सीधे तौर पर हत्या का गंभीर और सनसनीखेज आरोप जड़ दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और उनका कहना था कि उनके बेटे को एक सोची-समझी साजिश के तहत उस घर में बुलाया गया था और उसकी बेरहमी से हत्या करने के बाद इसे आत्महत्या या दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की जा रही है। आक्रोशित परिजनों और स्थानीय नागरिकों का यह आरोप था कि पुलिस मामले की गंभीरता को शुरू में भांप नहीं पाई और आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है, जिसके चलते लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। मृत छात्र की मां और अन्य परिजनों की चीख-पुकार देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं, लेकिन साथ ही प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ लोगों का रोष भी खुलकर बाहर आने लगा। पुलिस अधिकारियों द्वारा बार-बार समझाने और निष्पक्ष जांच का भरोसा देने के बावजूद भीड़ शांत होने का नाम नहीं ले रही थी, क्योंकि उनका यह मानना था कि जब तक मुख्य आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे शव को वहां से नहीं हटने देंगे।
देखते ही देखते उग्र हुआ प्रदर्शन, पुलिस और जनता के बीच तीखी हाथापाई और झड़प
मामला जैसे-जैसे आगे बढ़ा, मौके पर जुटी भीड़ और पुलिस प्रशासन के बीच तनाव इतना अधिक बढ़ गया कि देखते ही देखते स्थिति हिंसक झड़प में तब्दील हो गई। गुस्साए लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जब पुलिसकर्मियों ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया, तो दोनों पक्षों के बीच तीखी हाथापाई शुरू हो गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल और सीनियर अधिकारियों को मौके पर बुलाना पड़ा, जिससे उस पूरे इलाके में एक रणक्षेत्र जैसा माहौल बन गया। धक्का-मुक्की और झड़प के इस दौर में कुछ पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों को हल्की चोटें भी आईं, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने स्थिति की नजाकत को समझते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है ताकि किसी भी प्रकार की बड़ी अप्रिय घटना से बचा जा सके और कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वालों पर कानूनी शिकंजा कसा जा सके। इस हंगामे के कारण घंटों तक उस इलाके की मुख्य सड़कों पर यातायात पूरी तरह से बाधित रहा और लोग सहमे हुए नजर आए।
पुलिस की उच्च स्तरीय जांच जारी, क्या प्रेम प्रसंग बना इस खौफनाक हादसे की वजह?
इस पूरे सनसनीखेज मामले की तह तक जाने के लिए फरीदाबाद पुलिस ने अब एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया है जो हर एक पहलू की बारीकी से छानबीन कर रही है। पुलिस का कहना है कि मृतक छात्र और उसकी क्लासमेट प्रेमिका के बीच के संबंधों, मोबाइल की कॉल डिटेल्स, चैट और घटना से ठीक पहले के घंटों की गतिविधियों को खंगाला जा रहा है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर फिंगरप्रिंट और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को अपने कब्जे में ले लिया है ताकि वैज्ञानिक तरीके से यह साबित किया जा सके कि यह हत्या थी, आत्महत्या या फिर कोई हादसा। इस दुखद घटना ने एक बार फिर आधुनिक दौर के बच्चों की परवरिश,शोषण, कम उम्र के रिश्तों और माता-पिता के सामने आने वाली बड़ी चुनौतियों पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का यह आश्वासन है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के असली कारणों का खुलासा हो जाएगा और जो भी इस जुर्म में शामिल पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।