हरियाणा में यमुना का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन अलर्ट, सिंचाई विभाग ने कहा- पानी की कोई कमी नहीं

हरियाणा में यमुना का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन अलर्ट, सिंचाई विभाग ने कहा- पानी की कोई कमी नहीं

हरियाणा में इन दिनों लगातार हो रही मानसूनी बारिश का असर मैदानी इलाकों से लेकर नदियों तक साफ दिखाई देने लगा है। बारिश के चलते जीवनदायिनी यमुना नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है, जिससे तटीय इलाकों के प्रशासनिक अमले ने पूरी एहतियात बरतनी शुरू कर दी है। इसी बीच, हरियाणा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ वीरेंद्र सिंह ने नदी के बढ़ते जलस्तर और राज्य में पानी की उपलब्धता को लेकर स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट कर दी है, जिससे किसानों और आम जनता को बड़ी राहत मिली है।

लगातार बारिश से यमुना नदी के जलस्तर में हो रहा उतार-चढ़ाव

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से हरियाणा के विभिन्न जिलों में बारिश का दौर जारी है। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हो रही इस वर्षा का सीधा असर यमुना नदी के फ्लो पर पड़ रहा है। इंजीनियर-इन-चीफ वीरेंद्र सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बारिश की गतिविधियों के कारण यमुना के जलस्तर में पिछले 48 घंटों के दौरान लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है। विभाग के जल स्तर निगरानी केंद्र (Water Level Monitoring Centers) नदी के हर बहाव पर 24 घंटे पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

अगले दो-तीन दिनों की बारिश तय करेगी आगे का जलस्तर

सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यदि आने वाले दो से तीन दिनों तक राज्य में इसी तरह नियमित रूप से बारिश होती रही, तो यमुना नदी के जलस्तर में और अधिक बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना है। हालांकि, विभाग ने यह भी आश्वस्त किया है कि इस स्थिति से निपटने के लिए सभी बैराजों और नहरों के गेट पूरी तरह नियंत्रण में हैं। अंबाला, करनाल, पानीपत, सोनीपत और पलवल जैसे यमुना से जुड़े जिलों के स्थानीय प्रशासन को भी किसी भी संभावित स्थिति के मद्देनजर पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

किसानों के लिए राहत भरी खबर: सिंचाई के लिए पानी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध

सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि कृषि प्रधान राज्य हरियाणा में इस समय खेतों की सिंचाई को लेकर पानी का कोई संकट नहीं है। इंजीनियर-इन-चीफ वीरेंद्र सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि वर्तमान में राज्य के सभी नहर तंत्रों और वाटर चैनल्स में पर्याप्त पानी उपलब्ध है। खरीफ की फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को लगातार पानी मुहैया कराया जा रहा है। बारिश के कारण जलस्तर में हो रहे बदलाव से जहां एक तरफ जल संसाधनों का संचयन बेहतर हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ किसानों की फसलों को भी इस मानसूनी पानी से भरपूर फायदा मिल रहा है।

 

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