यमुनानगर में 11 साल की मासूम रेप पीड़िता ने बच्ची को दिया जन्म, आरोपी फार्मेसी कंपनी का ड्राइवर गिरफ्तार
हरियाणा के यमुनानगर जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद हैरान और विचलित करने वाली खबर सामने आई है। यहां एक 11 साल की मासूम नाबालिग लड़की, जो बेहद घिनौने अपराध (दुष्कर्म) का शिकार हुई थी, उसने एक नवजात बच्ची को जन्म दिया है। इस संवेदनशील और दिल दहला देने वाले मामले की जानकारी सामने आते ही पूरे इलाके में भारी हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस घिनौने कृत्य को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी को दबोच लिया है, जो एक नामी फार्मेसी कंपनी में बतौर ड्राइवर काम करता था।
अस्पताल में हुआ खुलासा और पुलिस महकमे में मची खलबली
यह दर्दनाक वाकया तब उजागर हुआ जब मासूम बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजन जब उसे लेकर यमुनानगर के स्थानीय अस्पताल पहुंचे, तो वहां डॉक्टरों ने बच्ची की शारीरिक स्थिति को देखकर तुरंत पुलिस को मामले की सूचना दी। इस अत्यंत संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और महिला सुरक्षा विंग तुरंत एक्शन में आई। डॉक्टरों की विशेष देखरेख में नाबालिग पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया, जहां फिलहाल मां और नवजात दोनों की सेहत पर डॉक्टर लगातार पैनी नजर बनाए हुए हैं।
आरोपी की पहचान और पॉक्सो एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई
पीड़िता और उसके परिजनों के बयानों के आधार पर यमुनानगर पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपी पीड़िता के पड़ोस या उसके परिचितों के दायरे में आता था, जिसने मासूम की बेबसी का फायदा उठाकर इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया। आरोपी की पहचान एक स्थानीय फार्मास्युटिकल कंपनी के वाहन चालक (ड्राइवर) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और सख्त पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है।
स्थानीय समाज में भारी आक्रोश और सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल
इस खौफनाक वारदात के बाद से यमुनानगर और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों में आम जनता के बीच गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने बच्चों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर कड़े सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि समाज में छिपे ऐसे दरिंदों को जल्द से जल्द फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए ऐसी सख्त सजा मिलनी चाहिए जो दूसरों के लिए नजीर बने। पुलिस प्रशासन ने पीड़ित परिवार को पूरी सुरक्षा और कानूनी सहायता देने का आश्वासन दिया है।