आजम खान पर गुस्सा उतारना पड़ा भारी, तस्वीर पर कालिख पोतने वाले शिवसेना नेताओं पर ही हो गया केस

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News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान का विरोध करना शिवसेना (उद्धव गुट) के नेताओं को ही महंगा पड़ गया। आजम खान के हालिया विवादित बयानों से नाराज शिवसैनिकों ने उनकी तस्वीर पर कालिख पोतकर अपना गुस्सा जाहिर किया, लेकिन इस विरोध प्रदर्शन का असर उल्टा हो गया। पुलिस ने आजम खान पर कार्रवाई करने के बजाय, प्रदर्शन कर रहे शिवसेना नेताओं के खिलाफ ही FIR दर्ज कर ली है।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा घटनाक्रम बस्ती के जिलाधिकारी कार्यालय के पास हुआ। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के जिला अध्यक्ष संजय प्रधान के नेतृत्व में कई कार्यकर्ता इकट्ठा हुए। वे आजम खान द्वारा हाल ही में महिलाओं और भारतीय सेना को लेकर दिए गए कथित आपत्तिजनक बयानों से बेहद नाराज थे।

कार्यकर्ताओं ने आजम खान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उन्हें 'देशद्रोही' बताते हुए उनकी तस्वीर पर कालिख पोत दी। शिवसैनिकों की मांग थी कि आजम खान पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उनकी विधानसभा की सदस्यता रद्द की जाए।

विरोध करने वालों पर ही क्यों हुई कार्रवाई?

शिवसेना नेता अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने इस कार्रवाई को कानून का उल्लंघन माना। बस्ती पुलिस के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन बिना किसी पूर्व अनुमति के किया गया था। पुलिस का कहना है कि इस तरह के प्रदर्शन से सार्वजनिक शांति भंग हो सकती है और समाज में तनाव फैल सकता है।

इसी आधार पर, शहर कोतवाली में शिवसेना के जिला अध्यक्ष संजय प्रधान समेत कई अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ शांति भंग करने और दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने की कोशिश करने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

इस मामले ने एक नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ जहां शिवसेना नेता आजम खान के बयानों को देश का अपमान बताकर उन पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विरोध का तरीका गलत होने के कारण अब वे खुद कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। अब देखना यह होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।