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April 19 2026 03:55 am

महंगाई पर सरकार का सर्जिकल स्ट्राइक, 41 पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म, शैम्पू से लेकर दवाएं तक होंगी सस्ती

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News India Live, Digital Desk: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी भीषण युद्ध और वैश्विक सप्लाई चेन में आई बाधाओं के बीच भारत सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। घरेलू बाजार में महंगाई को काबू करने और उद्योगों को राहत देने के लिए वित्त मंत्रालय ने 41 जरूरी पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी (सीमा शुल्क) को पूरी तरह से हटा दिया है। गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को जारी इस अधिसूचना के बाद अब प्लास्टिक, दवाइयां और पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल सस्ता हो जाएगा।

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

ग्लोबल क्राइसिस: पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें रिकॉर्ड 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में जहाजों की आवाजाही बाधित होने से सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है।

महंगाई पर लगाम: क्रूड ऑयल महंगा होने से पेट्रोकेमिकल उत्पादों की लागत बढ़ गई थी, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा था। सरकार ने इससे पहले पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी, अब यह दूसरा बड़ा कदम है।

अस्थायी राहत: यह छूट 2 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक के लिए प्रभावी होगी, ताकि घरेलू उद्योगों को कच्चे माल की किल्लत न हो।

क्या-क्या होगा सस्ता? (प्रमुख उत्पादों की सूची)

सरकार ने जिन 41 उत्पादों पर ड्यूटी जीरो की है, उनमें रोजमर्रा के इस्तेमाल वाली चीजों का कच्चा माल शामिल है:

केमिकल्स: मेथनॉल (Methanol), टोल्यूनि (Toluene), स्टाइरीन (Styrene), एनहाइड्रस अमोनिया, विनाइल क्लोराइड मोनोमर।

प्लास्टिक और पॉलीमर्स: पॉलीथीन (PE), पॉलीप्रोपाइलीन (PP), पॉलीस्टाइरीन, पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC), PET चिप्स।

औद्योगिक कच्चा माल: फिनोल, एसिटिक एसिड, प्यूरीफाइड टेरेफ्थैलिक एसिड (PTA), मोनोएथिलीन ग्लाइकोल (MEG)।

स्पेशियलिटी केमिकल्स: एपॉक्सी रेजिन, पॉलीयुरेथेन, पॉलीओल्स।

इन क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ:

फार्मा (दवा उद्योग): कई दवाओं के निर्माण में लगने वाले केमिकल सस्ते होंगे।

FMCG और पैकेजिंग: शैम्पू, साबुन, डिटर्जेंट और बोतलों की पैकेजिंग लागत कम होगी।

ऑटोमोबाइल: कारों और बाइक में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक और रबर कंपोनेंट्स की कीमत घटेगी।

टेक्सटाइल (कपड़ा उद्योग): सिंथेटिक फाइबर और धागों के निर्माण में लगने वाले PTA और MEG पर ड्यूटी हटने से कपड़े सस्ते हो सकते हैं।

वित्त मंत्रालय का मानना है कि इस 'टारगेटेड रिलीफ' से घरेलू निर्माताओं को राहत मिलेगी और अंतिम उत्पाद (Final Product) की कीमतों में कमी आएगी, जिसका सीधा लाभ देश के करोड़ों उपभोक्ताओं को मिलेगा।