Ghatshila By-Election: सोरेन परिवार ने झोंकी पूरी ताकत, हेमंत-कल्पना ने संभाला मोर्चा, जीत ही एकमात्र लक्ष्य

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News India Live, Digital Desk: Ghatshila By-Election : झारखंड की घाटशिला विधानसभा सीट पर हो रहा उपचुनाव सोरेन परिवार और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। इस एक सीट पर जीत हासिल करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन ने पूरी ताकत झोंक दी है। सोमवार को दोनों ने घाटशिला के अलग-अलग इलाकों में चुनावी सभाएं और रोड शो कर JMM उम्मीदवार रामदास सोरेन के लिए जमकर प्रचार किया।

हेमंत का चंपई पर सीधा वार, कल्पना ने साधा बीजेपी पर निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने चुनावी भाषणों में मुख्यमंत्री चंपई सोरेन पर सीधा हमला बोला। उन्होंने चंपई सोरेन पर JMM के साथ गद्दारी करने और बीजेपी से हाथ मिलाने का आरोप लगाया। हेमंत ने भावुक अपील करते हुए कहा कि जब वे जेल में थे, तब चंपई सोरेन ने उनकी पीठ में छुरा घोंपा।

वहीं, दूसरी ओर कल्पना सोरेन ने केंद्र की बीजेपी सरकार और अपनी जेठानी और बीजेपी उम्मीदवार सीता सोरेन पर निशाना साधा। कल्पना ने कहा, "यह चुनाव सिर्फ एक विधायक चुनने का नहीं है, बल्कि यह झारखंड की अस्मिता और स्वाभिमान को बचाने की लड़ाई है। जिन लोगों ने धोखे से हेमंत जी को जेल भेजा, उन्हें सबक सिखाने का समय आ गया है।" उन्होंने सीता सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने परिवार और पार्टी को धोखा दिया, जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।

क्यों बन गया है यह चुनाव इतना अहम?

घाटशिला का उपचुनाव कई मायनों में JMM और सोरेन परिवार के लिए 'करो या मरो' की स्थिति जैसा है:

  • JMM का गढ़: घाटशिला परंपरागत रूप से JMM का मजबूत गढ़ रहा है। यहां से हारना पार्टी के लिए एक बड़ा झटका होगा।
  • नेतृत्व पर मुहर: यह चुनाव तय करेगा कि JMM का असली नेता कौन है - हेमंत सोरेन या चंपई सोरेन। हेमंत इस चुनाव को जीतकर यह साबित करना चाहते हैं कि पार्टी पर आज भी उन्हीं का नियंत्रण है।
  • पारिवारिक प्रतिष्ठा: हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन का बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ना इसे सोरेन परिवार के भीतर की लड़ाई भी बना रहा है।
  • आगामी विधानसभा चुनाव का लिटमस टेस्ट: इस उपचुनाव के नतीजे आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए एक संकेत भी हो सकते हैं।

हेमंत और कल्पना सोरेन की जोड़ी लगातार घाटशिला में कैंप कर रही है और हर दिन कई-कई सभाएं कर रही है। उनका लक्ष्य सिर्फ और सिर्फ जीत है, ताकि वे अपने राजनीतिक विरोधियों और पार्टी के भीतर के बागियों को एक कड़ा संदेश दे सकें।