Ghatshila by-Election : JMM के सोमेश सोरेन की बड़ी जीत, बीजेपी को पछाड़ा
News India Live, Digital Desk: झारखंड की घाटशिला विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने अपना परचम लहरा दिया है। JMM के युवा उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, बीजेपी के बाबूलाल सोरेन को एक बड़े अंतर से हराकर शानदार जीत दर्ज की है। मतगणना के शुरुआती दौर से ही सोमेश सोरेन ने जो बढ़त बनाई, वो आखिर तक कायम रही और एक बड़ी जीत में तब्दील हो गई।
पिता की विरासत को बढ़ाया आगे
यह उपचुनाव JMM के कद्दावर नेता और पूर्व विधायक रामदास सोरेन के निधन के बाद खाली हुई सीट पर कराया गया था। JMM ने उनके बेटे सोमेश चंद्र सोरेन पर भरोसा जताते हुए उन्हें मैदान में उतारा था। सोमेश ने न केवल अपने पिता की राजनीतिक विरासत को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया, बल्कि घाटशिला की जनता का विश्वास भी जीता। दूसरी ओर, बीजेपी ने भी बाबूलाल सोरेन के रूप में एक मजबूत उम्मीदवार खड़ा किया था, लेकिन वे JMM के गढ़ को भेदने में नाकाम रहे।
शुरू से ही JMM का दबदबा
मतगणना शुरू होने के साथ ही JMM के पक्ष में रुझान आने लगे थे। पहले कुछ राउंड की गिनती के बाद ही सोमेश सोरेन ने हजारों वोटों की बढ़त बना ली। जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ी, यह अंतर और भी बढ़ता गया। 11वें राउंड की गिनती तक सोमेश की बढ़त 22,000 वोटों से भी ज्यादा हो गई थी, जिसने उनकी जीत लगभग पक्की कर दी थी।बीजेपी के बाबूलाल सोरेन मुकाबले में लगातार दूसरे स्थान पर बने रहे, लेकिन वह इस अंतर को कम नहीं कर पाए।
इस चुनावी दंगल में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के उम्मीदवार रामदास मुर्मू भी मैदान में थे, जो तीसरे स्थान पर रहे।
क्यों खास है यह जीत?
हालांकि इस जीत का हेमंत सोरेन सरकार के बहुमत पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन इसे JMM के लिए एक बड़ी सांकेतिक और प्रतिष्ठा की जीत माना जा रहा है। इस नतीजे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि घाटशिला का आदिवासी बहुल क्षेत्र JMM का एक मजबूत किला है। JMM के कार्यकर्ताओं में इस जीत को लेकर भारी उत्साह है और जगह-जगह जश्न का माहौल है।