नेपाल में 'Gen Z' का हल्लाबोल! पूर्व PM ओली की गिरफ़्तारी की उठी मांग, सड़कों पर उतरे हज़ारों युवा
नेपाल की राजनीति में एक नया तूफ़ान आ गया है, और इस तूफ़ान को लाने वाले हैं देश के युवा, यानी 'Gen Z'। राजधानी काठमांडू की सड़कें हज़ारों युवाओं के विरोध प्रदर्शन से गूँज रही हैं। उनकी सीधी और एक ही मांग है - देश के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) को गिरफ़्तार किया जाए।
यह विरोध प्रदर्शन किसी राजनीतिक पार्टी ने नहीं, बल्कि देश के आम युवाओं ने शुरू किया है, और यह लगातार बड़ा होता जा रहा है।
क्यों हो रहा है यह विरोध प्रदर्शन? ओली के ख़िलाफ़ इतना गुस्सा क्यों है?
इस पूरे विवाद की जड़ बालकुमारी गोलीकांड (Balkumari Shootout) से जुड़ी है, जो ओली के प्रधानमंत्री रहते हुए हुआ था।
- क्या थी घटना? दरअसल, कुछ समय पहले नेपाल में कोरिया में नौकरी के लिए होने वाली एक परीक्षा (EPS - Employment Permit System) को लेकर विवाद हुआ था। इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ युवा सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे थे।
- गोलीकांड: इसी दौरान, बालकुमारी इलाक़े में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चला दी, जिसमें दो नौजवानों - वीरेंद्र शाह और सुजन रावत - की मौके पर ही मौत हो गई थी।
- ओली क्यों हैं निशाने पर? जिस समय यह गोलीकांड हुआ, उस समय केपी शर्मा ओली देश के प्रधानमंत्री थे और गृह मंत्रालय भी उन्हीं की पार्टी के पास था। प्रदर्शनकारी युवाओं का मानना है कि इस घटना की नैतिक और राजनीतिक ज़िम्मेदारी सीधे तौर पर ओली की बनती है। उनका आरोप है कि सरकार के आदेश के बिना पुलिस इतना बड़ा क़दम नहीं उठा सकती थी।
"हमारे दोस्तों को न्याय दो!"
सड़कों पर उतरे युवा "Oli, why did you kill our friends?" (ओली, तुमने हमारे दोस्तों को क्यों मारा?) जैसे बैनर लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक इस मामले में न्याय नहीं होता और ज़िम्मेदार लोगों, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री भी शामिल हैं, पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे।
यह प्रदर्शन नेपाल की मौजूदा सरकार पर भी भारी दबाव बना रहा है। यह दिखाता है कि देश का युवा अब सिर्फ़ दर्शक बनकर नहीं रहना चाहता, बल्कि वह अपने अधिकारों और न्याय के लिए सड़कों पर उतरकर जवाबदेही की मांग कर रहा ਹੈ।