गाजा गाजा में शांति की नई सुबह? 2 साल बाद हुआ वो ऐतिहासिक समझौता
News India Live, Digital Desk: आखिरकार, वो दिन आ ही गया जब दुनिया ने राहत की साँस ली है. गाजा पट्टी में लंबे समय से चली आ रही हिंसा और तनाव के बीच, इजरायल और हमास के बीच एक ‘ऐतिहासिक’ शांति समझौता हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इस बात का ऐलान किया है, जिसे उन्होंने अपनी 'शांति योजना' का पहला चरण बताया है. ये समझौता सिर्फ कागज पर दस्तखत नहीं, बल्कि हजारों जिंदगियों के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आया है.
क्या है इस समझौते में खास?
यह डील सिर्फ युद्धविराम से कहीं बढ़कर है. इसमें कई अहम बातें शामिल हैं जो क्षेत्र में स्थिरता ला सकती हैं:
- जंग रुकेगी, कैदी छूटेंगे: सबसे पहले, इस समझौते के तहत गाजा में लड़ाई थम जाएगी. इसके साथ ही इजरायल और हमास के कब्जे में मौजूद बंधकों और कैदियों की अदला-बदली होगी.
बंधकों की वापसी: खबर है कि हमास 20 जिंदा इजरायली बंधकों को रिहा करेगा, बदले में इजरायल करीब 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ेगा. इसमें उम्रकैद की सजा पाए 250 फिलिस्तीनी और इजरायल द्वारा पकड़े गए 1,700 अन्य लोग (जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं) शामिल हैं. अगर किसी मृत इजरायली बंधक का शव मिलता है, तो इजरायल उसके बदले 15 मृत फिलिस्तीनियों के शव देगा.
इजरायली सेना की वापसी: इजरायली सेना भी एक तय सीमा तक गाजा से पीछे हटेगी.
गाजा को मिलेगी मदद: लंबे समय से घेराबंदी झेल रहे गाजा में अब बड़ी मात्रा में मानवीय सहायता पहुंचाई जाएगी. इससे वहां के लोगों को बहुत राहत मिलेगी.
जल्दी होगा अमल: इस अदला-बदली की प्रक्रिया समझौते के 72 घंटों के भीतर शुरू होने की उम्मीद है, संभवतः सोमवार को. इजरायली सरकार कुछ घंटों में इस पर वोट करेगी, जिसके बाद इजरायली सेना की वापसी शुरू हो जाएगी.
दुनिया की नजरें इस पर
यह समझौता मिस्र के शर्म अल-शेख में हुई लंबी और कठिन बातचीत के बाद हुआ, जिसमें मिस्र, कतर और तुर्किए के साथ अमेरिका ने मध्यस्थता की. इस खबर ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है:
- अमेरिका हुआ खुश: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे "वर्षों के युद्ध के बाद शांति की शुरुआत" और "मध्य पूर्व के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक कदम" बताया. उन्होंने कहा कि "दुनिया एक बहुत ही खास चीज़ की शुरुआत देख रही है."
हमास ने की पुष्टि: हमास ने भी बयान जारी कर युद्ध खत्म करने, कब्जा हटाने, मानवीय सहायता और कैदी अदला-बदली पर सहमति की पुष्टि की है. उन्होंने कतर, मिस्र, तुर्किए और अमेरिका के प्रयासों की सराहना की.
इजरायल भी सहमत: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इसे "राजनयिक सफलता और इजरायल के लिए एक राष्ट्रीय और नैतिक जीत" कहा है.
संयुक्त राष्ट्र का स्वागत: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसे "शांति का एक महत्वपूर्ण अवसर" बताते हुए सभी पक्षों से समझौते का पूरी तरह पालन करने की अपील की है.
कतर का ऐलान: कतर ने भी समझौते के पहले चरण को लागू करने की शर्तों को अंतिम रूप दिए जाने की पुष्टि की है.
गाजा में जश्न का माहौल
करीब दो साल की तबाही झेलने के बाद, गाजा के लोग एक बार फिर उम्मीद से भर गए हैं. सड़कों पर खुशी का माहौल है. लोग झंडे लहरा रहे हैं, आतिशबाजी कर रहे हैं और राहत की साँस ले रहे हैं. गाजा शहर और खान यूनिस में जीत के नारे गूँज रहे हैं. अल-मवासी में लोग "अल्लाहु अकबर" के नारे लगा रहे हैं और जश्न मना रहे हैं. यह समझौता सिर्फ एक कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि गाजा के लोगों के लिए शांति की पहली धड़कन जैसा महसूस हो रहा है.
उत्तरी गाजा के लिए चेतावनी
हालांकि, इजरायली सेना ने उत्तरी गाजा में फिलिस्तीनियों को चेतावनी दी है कि वे अभी भी उस इलाके में वापस न लौटें. इसे "खतरनाक युद्ध क्षेत्र" बताया गया है, और इजरायली सेना अभी भी गाजा शहर को घेरे हुए है.