गणपति बप्पा मोरया 2026 में कब है गणेश जी का जन्मदिन? पूजा का वो मुहूर्त जो चमका देगा किस्मत
News India Live, Digital Desk: हम भारतीयों के लिए कोई भी शुभ काम भगवान गणेश के नाम के बिना शुरू नहीं होता। साल चाहे कोई भी हो, सबसे पहले हम यही देखते हैं कि हमारे प्यारे 'बप्पा' के त्यौहार कब-कब पड़ रहे हैं। 2025 बीतने के बाद अब कई भक्तों की नजरें साल 2026 के कैलेंडर पर हैं।
जनवरी का महीना यानी कड़ाके की ठंड, और इसी ठंड में आती है एक ऐसी गर्मी जो हर भक्त के दिल को सुकून देती है— यह है 'गणेश जयंती'। इसे हम माघी गणेशोत्सव या तिल-कुंद चतुर्थी भी कहते हैं। महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में तो इसकी धूम देखने लायक होती है। लेकिन, 2026 की तारीख और मुहूर्त को लेकर कई लोग अभी से कंफ्यूज हैं।
चलिए, आपकी सारी कंफ्यूजन दूर करते हैं और बताते हैं कि आखिर बप्पा का यह उत्सव कब मनाया जाएगा।
गणेश जयंती 2026: तारीख पक्की कर लें
पंचांग और तिथियों के हिसाब से, साल 2026 में माघ महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी यानी 'गणेश जयंती' 21 जनवरी, बुधवार को मनाई जाएगी।
जी हां, बुधवार का दिन और गणेश जी की पूजा इसे 'सोने पे सुहागा' ही कहिए! बुधवार वैसे भी गणपति जी का दिन माना जाता है, इसलिए इस बार की गणेश जयंती बहुत खास संयोग लेकर आ रही है।
कब शुरू होगी तिथि?
ध्यान देने वाली बात यह है कि चतुर्थी तिथि 20 जनवरी की रात को ही लग जाएगी, लेकिन हम 'उदया तिथि' (सूरज उगने के समय वाली तिथि) को मानते हैं, इसलिए व्रत और उत्सव 21 जनवरी को ही मनाया जाएगा। 21 तारीख की शाम तक चतुर्थी रहेगी, उसके बाद पंचमी लग जाएगी।
भद्रा का क्या चक्कर है?
अक्सर लोग पंचांग में 'भद्रा' का नाम देखकर डर जाते हैं कि कहीं पूजा में कोई खोट न आ जाए। इस बार भी गणेश जयंती पर भद्रा का साया है। शास्त्रों के अनुसार, भद्रा काल में कुछ शुभ कार्य वर्जित होते हैं। लेकिन घबराने की बात नहीं है।
भद्रा काल सुबह से दोपहर तक रहेगा। लेकिन गजानन तो स्वयं विघ्नहर्ता हैं, सारे कष्ट और दोष हरने वाले हैं। उनकी पूजा में नियत साफ़ हो और मन में श्रद्धा हो, तो डरने की जरूरत नहीं। फिर भी, अगर आप मुहूर्त का बहुत कड़ाई से पालन करते हैं, तो दोपहर के बाद (मध्याह्न पूजा) करना सबसे उत्तम माना जाएगा।
वैसे भी गणेश जयंती पर 'दोपहर' की पूजा का ही सबसे ज्यादा महत्व होता है, क्योंकि मान्यता है कि बप्पा का जन्म मध्याह्न काल (दिन के बीच का समय) में हुआ था।
पूजा कैसे करें?
इस दिन तिल का बहुत महत्व होता है। गणेश जी को तिल और गुड़ के लड्डू चढ़ाना न भूलें। लाल फूल, दूर्वा और मोदक के साथ बप्पा की आरती उतारें। अगर जीवन में कोई कष्ट है, तो इस गणेश जयंती पर बप्पा से मन की बात जरूर कहें, वो सबकी सुनते हैं।
तो दोस्तों, 21 जनवरी 2026 की तारीख अभी से अपने मोबाइल के रिमाइंडर में लगा लीजिये, ताकि बप्पा के स्वागत में कोई कमी न रहे।