Gangaur 2026 Date: कब है गणगौर? सुहागिनों के सबसे बड़े पर्व की नोट करें सही डेट और पूजा का शुभ मुहूर्त
News India Live, Digital Desk: चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला गणगौर व्रत अखंड सौभाग्य की कामना का महापर्व है। यह पर्व होली के दूसरे दिन (धुलेंडी) से ही शुरू हो जाता है और पूरे 18 दिनों तक चलता है। विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए और कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए माता गौरी (पार्वती) और ईसर जी (शिव) की श्रद्धापूर्वक पूजा करती हैं।
गणगौर 2026: शुभ मुहूर्त और तिथि हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2026 में गणगौर की मुख्य पूजा की तिथि इस प्रकार है:
तृतीया तिथि प्रारंभ: 20 मार्च 2026, शुक्रवार (शाम से)
तृतीया तिथि समाप्त: 21 मार्च 2026, शनिवार (शाम तक)
गणगौर मुख्य पूजा तिथि: 21 मार्च 2026, शनिवार (उदया तिथि के अनुसार मुख्य पर्व इसी दिन मनाया जाएगा)।
पूजा विधि और परंपराएं गणगौर की पूजा में मिट्टी से बनी ईसर-गौरी की मूर्तियों का विशेष महत्व है।
जवारे बोना: होली की राख और मिट्टी से जवारे बोए जाते हैं, जिन्हें 18 दिनों तक सींचा जाता है।
श्रृंगार और गीत: महिलाएं पारंपरिक परिधानों और गहनों में सजकर लोक गीत गाती हैं। पूजा में दूब, फूल और काजल-मेहंदी की बिंदियों का प्रयोग किया जाता है।
विसर्जन: चैत्र शुक्ल तृतीया के दिन महिलाएं गाजे-बाजे के साथ तालाब या नदी के किनारे जाकर मूर्तियों का विसर्जन करती हैं।
धार्मिक महत्व गणगौर दो शब्दों से मिलकर बना है 'गण' यानी शिव और 'गौर' यानी गौरी (पार्वती)। मान्यता है कि माता पार्वती वन में भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए तपस्या कर रही थीं, तभी तृतीया के दिन शिव जी ने उन्हें दर्शन दिए थे। इसलिए यह दिन सुहागिनों के लिए 'सुहाग की रक्षा' का सबसे बड़ा दिन माना जाता है।