Free Girls Education Scheme 2026: बेटियों की पढ़ाई का खर्च अब सरकार के कंधों पर, 12वीं तक मुफ्त शिक्षा के साथ मिलेगी भारी स्कॉलरशिप, जानें पूरी प्रक्रिया
नई दिल्ली/लखनऊ। देश की बेटियों को सशक्त बनाने और उनके सपनों को पंख देने की दिशा में साल 2026 एक ऐतिहासिक मोड़ साबित होने जा रहा है। सरकार ने 'फ्री गर्ल्स एजुकेशन स्कीम 2026' के तहत एक ऐसी क्रांतिकारी पहल की है, जिससे अब किसी भी गरीब परिवार की बेटी की पढ़ाई पैसों की कमी के कारण नहीं रुकेगी। इस योजना के जरिए सरकार न केवल प्राथमिक बल्कि उच्च शिक्षा तक का रास्ता साफ कर रही है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
शिक्षा के बजट से परिवारों को मिलेगी बड़ी राहत
अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में संसाधनों के अभाव में बेटियों को स्कूल से निकाल लिया जाता है। इसी कड़वी सच्चाई को बदलने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर इस नई शिक्षा नीति को जमीन पर उतारा गया है। इस योजना का मूल मंत्र 'समान शिक्षा, समान अधिकार' है, ताकि हर वर्ग की लड़की बिना किसी वित्तीय मानसिक दबाव के कॉलेज की दहलीज पार कर सके।
कक्षा 1 से कॉलेज तक क्या-क्या मिलेगा मुफ्त?
सरकार ने इस योजना के दायरे को काफी व्यापक रखा है। इसके अंतर्गत कक्षा 1 से 12वीं तक की छात्राओं को किताबें, स्कूल बैग और यूनिफॉर्म के लिए एक पैसा भी खर्च नहीं करना होगा। वहीं, कॉलेज स्तर की पढ़ाई के लिए ट्यूशन फीस में भारी छूट और कुछ श्रेणियों में इसे पूरी तरह माफ करने का प्रावधान है। इसके अलावा, छात्राओं के बैंक खाते में मासिक छात्रवृत्ति (Scholarship) भी भेजी जाएगी, ताकि उनके अन्य शैक्षिक खर्च पूरे हो सकें।
पात्रता के कड़े मानक और किसे मिलेगा लाभ
योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ जरूरी योग्यताएं निर्धारित की हैं, ताकि जरूरतमंदों तक मदद पहुंच सके:
आय सीमा: परिवार की कुल वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम होनी चाहिए।
संस्थान: यह लाभ केवल सरकारी और सहायता प्राप्त (Semi-Government) स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को मिलेगा।
प्राथमिकता: बीपीएल (BPL) कार्ड धारक, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग की बेटियों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन का आसान तरीका
अभिभावकों की सुविधा के लिए आवेदन प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है। आप अपने नजदीकी सरकारी स्कूल या जिला शिक्षा कार्यालय से फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देते हुए सरकार ने एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किया है। आवेदन के लिए आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी और स्कूल का बोनाफाइड सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है।
सत्यापन के बाद सीधे खाते में आएगा पैसा
जैसे ही आप आवेदन पत्र जमा करेंगे, शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की जांच की जाएगी। वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने के लगभग 60 से 90 दिनों के भीतर योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार ने 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (DBT) का सहारा लिया है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाएगी और पूरी राशि सीधे छात्रा के खाते में पहुंचेगी।