क्रिकेट के 148 सालों में पहली बार हुआ ऐसा गुवाहाटी टेस्ट में लंच से पहले मिलेगी 'चाय

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News India Live, Digital Desk : क्रिकेट को 'जेेंटलमैन गेम' कहा जाता है और इसमें परंपराएं (Traditions) बहुत मायने रखती हैं। हम बचपन से देखते आ रहे हैं कि टेस्ट मैच का एक पक्का पैटर्न होता है— पहले सुबह का सेशन, फिर लंच (Lunch), उसके बाद दोपहर का खेल, फिर चाय (Tea Break) और अंत में शाम का खेल। लेकिन गुवाहाटी में चल रहे भारत और दक्षिण अफ्रीका (India vs South Africa) के बीच दूसरे टेस्ट मैच ने 148 साल पुराने इस इतिहास को ही पलट कर रख दिया है।

जी हाँ, आप सही पढ़ रहे हैं। इस टेस्ट मैच में खिलाड़ियों को लंच से पहले चाय पिलाई जाएगी! यह सुनने में थोड़ा अजीब और अटपटा ज़रूर लग सकता है, लेकिन इसके पीछे की वजह बहुत लॉजिकल और दिलचस्प है।

आखिर ऐसा क्यों किया गया? (The Reason)
इस "उल्टे पुल्टे" शेड्यूल के पीछे कोई जादू नहीं, बल्कि सूरज दादा (Sun) हैं।
दरअसल, गुवाहाटी भारत के पूर्वोत्तर (Northeast India) हिस्से में आता है। वहां देश के बाकी हिस्सों के मुकाबले सुबह बहुत जल्दी होती है और सूरज ढलता भी बहुत जल्दी है। सर्दियों के दिनों में तो वहां शाम के 4 बजते-बजते अँधेरा होने लगता है।

आमतौर पर टेस्ट मैच में लंच दोपहर 12 या 12:30 बजे होता है और चाय 2:30 या 3:00 बजे के आसपास होती है। लेकिन गुवाहाटी में अगर इस टाइम को फॉलो किया गया, तो टी-ब्रेक के बाद खेल जारी रखने के लिए पर्याप्त रोशनी (Daylight) ही नहीं बचेगी।

क्या है नया टाइम टेबल?
खेल के हर मिनट का इस्तेमाल करने के लिए आयोजकों ने फैसला किया कि:

  1. मैच सुबह अपने तय समय से जल्दी शुरू होगा।
  2. पहला ब्रेक: लंच के भारी भरकम खाने की जगह, एक छोटा 20 मिनट का टी-ब्रेक (Tea Break) लिया जाएगा।
  3. दूसरा ब्रेक: इसके बाद दोपहर में जब धूप अच्छी होगी, तब 40 मिनट का लंच ब्रेक (Lunch Break) होगा।
  4. और इसके बाद दिन का खेल ख़त्म होने तक मैच चलता रहेगा।

खिलाड़ियों के लिए चुनौती
सोचिए, जो खिलाड़ी बरसों से एक फिक्स टाइम पर खाना खाने के आदी हैं, उनके लिए यह बदलाव कितना अजीब होगा। 148 साल के टेस्ट क्रिकेट इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि सेशन के नाम बदल दिए गए हैं।

लेकिन, क्रिकेट प्रेमियों के लिए तो मज़ा वही है—चाहे पहले चाय मिले या लंच, असली मज़ा तो बुमराह की यॉर्कर और बल्लेबाजों के चौकों में ही है। बस आप अपना टीवी शेड्यूल सही कर लीजियेगा, कहीं ऐसा न हो कि आप लंच समझकर उठें और वहां खेल शुरू हो जाए!

यह मैच न सिर्फ़ रन्स और विकेट्स के लिए, बल्कि इस अनोखी ऐतिहासिक घटना के लिए भी याद रखा जाएगा।