Food Delivery Scam : खाना असली, शिकायत नकली, AI की मदद से लोग ऐसे कर रहे हैं फ़ूड डिलीवरी ऐप्स के साथ धोखाधड़ी

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News India Live, Digital Desk: टेक्नोलॉजी जहाँ एक तरफ हमारी ज़िंदगी को आसान बना रही है, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग इसका गलत इस्तेमाल करके धोखाधड़ी के नए-नए तरीके निकाल रहे हैं. ऐसा ही एक नया मामला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ा है, जहाँ लोग फ़ूड डिलीवरी ऐप्स से मुफ़्त में खाना खाने के लिए AI का इस्तेमाल कर रहे हैं. यह सुनकर शायद आपको हैरानी हो, लेकिन यह सच है.

कैसे हो रहा है यह पूरा खेल?

यह धोखाधड़ी इतनी चालाकी से की जा रही है कि पकड़ना मुश्किल है. धोखेबाज़ पहले Zomato, Swiggy या DoorDash जैसे किसी भी फ़ूड डिलीवरी ऐप से खाना ऑर्डर करते हैं. जब खाना घर पर आ जाता है, तो वे उसकी एक फोटो खींचते हैं. इसके बाद असली खेल शुरू होता है.

वे इस फोटो को AI इमेज जनरेटर टूल, जैसे कि ChatGPT में अपलोड करते हैं और उसे कमांड देते हैं - "इस खाने को कच्चा दिखाओ" या "इसमें बाल या कीड़ा दिखाओ". AI कुछ ही सेकंड में उस असली फोटो को एडिट करके एक ऐसी नकली तस्वीर बना देता है, जिसमें खाना वाकई ख़राब या कच्चा नज़र आता है.

इसके बाद, वे इस नकली फोटो को ऐप के कस्टमर केयर पर शिकायत के साथ भेज देते हैं जब डिलीवरी कंपनी को ख़राब खाने की ऐसी सच्ची दिखने वाली तस्वीर मिलती है, तो वे ज़्यादातर मामलों में ग्राहक को खुश रखने के लिए तुरंत पूरा पैसा रिफंड कर देते हैं. इस तरह धोखेबाज़ को खाना भी मुफ़्त में मिल जाता है और पैसे भी वापस आ जाते हैं.

रेस्टोरेंट और डिलीवरी पार्टनर्स का हो रहा है भारी नुक़सान

Food Delivery Scam : इस तरह की धोखाधड़ी का सबसे बड़ा नुक़सान उन छोटे रेस्टोरेंट्स और डिलीवरी पार्टनर्स को होता है जो मेहनत से काम करते हैं जब कोई रिफंड होता है, तो अक्सर उसका ख़र्च रेस्टोरेंट को उठाना पड़ता है. साथ ही, उनकी रेटिंग भी ख़राब होती है, जिससे उनके व्यापार पर बुरा असर पड़ता है.

कंपनियां भी हो गई हैं सतर्क

हालांकि यह फ्रॉड अभी नया है, लेकिन फ़ूड डिलीवरी कंपनियां इससे निपटने के लिए तैयारी कर रही हैं. वे भी अब AI की मदद से ऐसे धोखाधड़ी वाले पैटर्न को पहचानने की कोशिश कर रही हैं. Zomato के CEO दीपिंदर गोयल ने भी इस बात पर चिंता जताई है कि AI से बनी भ्रामक तस्वीरें ग्राहकों का भरोसा तोड़ती हैं और उन्होंने ऐसी तस्वीरों को अपने प्लेटफॉर्म से हटाने की बात कही है.

यह मामला एक बड़ी चेतावनी है कि AI का गलत इस्तेमाल कितनी आसानी से हमारे रोज़मर्रा के जीवन को प्रभावित कर सकता है. एक ग्राहक के तौर पर हमें ईमानदार रहना चाहिए और ऐसी किसी भी धोखाधड़ी का हिस्सा नहीं बनना चाहिए, क्योंकि इसका असर पूरी इंडस्ट्री पर पड़ता है.